Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान के पैसों की हेराफेरी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में से एक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव (Tinnu Yadav Wife Poonam Yadav) अब अपने पति के बचाव में उतर आई हैं। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि इस पूरे घोटाले के असली गुनहगारों को बचाने के लिए उनके पति को जानबूझकर बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए भावुक पूनम यादव ने कहा कि उनके पति टिन्नू यादव कोई अपराधी नहीं हैं। यादव समुदाय से होने के बावजूद वे साल 1992 के राम मंदिर आंदोलन के समय से ही हाथों में भगवा झंडा थामे हुए हैं। वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के लिए पूरी निष्ठा से काम करते आ रहे हैं, लेकिन आज उन्हें ही इस मामले में घसीट लिया गया है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर राजीव शुक्ला की मांग, बोले-'जनता का भरोसा डगमगाया, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच'
'5 करोड़ रुपये अपने पास रखूंगी'
जब पूनम यादव से उनके परिवार के पास 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति और लग्जरी कारें होने के आरोपों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर जांच में हमारे पास से 50 करोड़ रुपये की संपत्ति मिलती है, तो मैं उसमें से 45 करोड़ रुपये तुरंत राम मंदिर ट्रस्ट को दान कर दूंगी और महज 5 करोड़ रुपये अपने पास रखूंगी। उनके मुताबिक, उनके खिलाफ फैलाई जा रही बातें पूरी तरह से बेबुनियाद और मनगढ़ंत हैं।
पुलिस का क्या है आरोप?
आपको बता दें कि टिन्नू यादव शुरुआत में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के ड्राइवर के रूप में काम करते थे। धीरे-धीरे वे मंदिर प्रशासन और वीआईपी (VIP) मैनेजमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए। पुलिस का आरोप है कि टिन्नू यादव के पास मंदिर के उस कमरे की चाबियां थीं जहां दान का पैसा गिना जाता था। पुलिस के अनुसार, इस अनधिकृत पहुंच का फायदा उठाकर उन्होंने दान पेटियों की रकम और गिनती की प्रक्रिया में बड़ी हेरफेर की है। हालांकि, परिवार का कहना है कि सच कुछ और ही है जिसे छुपाया जा रहा है।
