Faridabad Forest: पेड़ कितने जरूरी होते हैं, ये सब जानते हैं। इन्हें बचाने के लिए कितने जतन किए जाते हैं और कितने अभियान भी चलाए जाते हैं। कितने सफल होते हैं, कितनों के नतीजे दिखते हैं, इसपर कुछ खास नहीं कहा जा सकता है। फरीदाबाद में ऐसे ही अभियानों का अच्छा नतीजा दिखा है। यहां अरावली के जंगलों का रकबा पिछले साल की तुलना में करीब 8 फीसदी तक बढ़ गया है। इसके बढ़ने का कारण पिछले साल अरावली के जंगलों में पौधारोपण अधिक होना बताया जा रहा है। पिछले साल तक अरावली वन क्षेत्र का दायरा 6948.44 हेक्टेयर था, जो इस साल बढ़कर 7530.23 हेक्टेयर हो गया। हाल ही में विभाग की यह रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें यह बात सामने आई है।
सफल हो रहे अभियान
जिला वन विभाग और कई सामाजिक संस्थाओं के साथ व्यक्तिगत प्रयासों से चल रहे पौधारोपण अभियान का प्रभाव अब दिखाई देने लगा है। पिछले साल वन विभाग ने अरावली वन क्षेत्र सहित फरीदाबाद के तमाम हिस्सों में 1,63,517 पौधे लगाए थे। इसके अलावा अरावली वन क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए वन विभाग की ओर से कई सामाजिक संस्थाओं, स्कूली बच्चों, ट्रक ड्राइवरों आदि को सीड्स बॉल भी दी गई थी। जिनसे पेड़ों की संख्या में खासी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इस साल भी लगेंगे पेड़
वन विभाग ने इस साल 1 लाख 4 हजार 50 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सेक्टर 17 बाईपास रोड स्थित हूडा रोज गार्डन और सेक्टर 21 में BSNL की खाली जमीन पर जापानी मियावाकी तकनीक से मिनी फॉरेस्ट विकसित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसके पूरी तरह विकसित हो जाने से हवा के प्रदूषण में कमी आएगी।
