Delhi News: दिल्ली पुलिस ने जर्मन नागरिकता और स्थायी निवास दिलाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 60 लाख रुपये ठगने के आरोप में पूनम जेजलर को गिरफ्तार किया है। भारतीय मूल की जर्मन नागरिक पूनम को 13 अक्टूबर को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पकड़ा गया। बुधवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद अदालत ने उन्हें 16 अक्टूबर तक दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, पूनम जेजलर के खिलाफ 2025 में वसंत कुंज थाने में FIR दर्ज की गई थी। उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। पुलिस का कहना है कि वह जर्मन नागरिक हैं और अपने स्विस नागरिक पति के साथ स्विट्जरलैंड में रहती हैं। उन्होंने दावा किया था कि उनके दिवंगत पिता मध्य प्रदेश के पूर्व कानून सचिव थे।
जर्मन नागरिकता दिलाने का झांसा देने का आरोप
जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता प्रांजल कुमार को जर्मनी की स्थायी निवास अनुमति या नागरिकता दिलाने का भरोसा दिया गया था। आरोप है कि इस सिलसिले में पूनम जेजलर ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को पैसे देने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद 60 लाख रुपये उनके दो बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए गए। पुलिस के अनुसार, पूनम ने शिकायतकर्ता की मुलाकात रजत अरोड़ा नाम के एक शख्स से कराई थी, जो कथित तौर पर जर्मन दूतावास में काम करता था। हालांकि, शिकायत के मुताबिक न तो नागरिकता मिली और न ही रकम लौटाई गई।
पैसों के लेन-देन और अन्य आरोपियों की जांच
जांच अधिकारी (IO) ने कोर्ट को बताया कि आरोपी विदेशी नागरिक है और स्विट्जरलैंड में रहने की वजह से पहले पकड़ में नहीं आ रही थी, जिसके बाद उसके खिलाफ LOC जारी किया गया और बैंक अकाउंट फ्रीज किया गया। पुलिस अब 60 लाख रुपये के पूरे मनी ट्रेल का पता लगाने, साजिश में शामिल अन्य सह-आरोपियों और जर्मन दूतावास के किसी अधिकारी की संलिप्तता की जांच के लिए उसकी कस्टडी में पूछताछ कर रही है। पुलिस ने अदालत को बताया कि उनकी गिरफ्तारी की जानकारी संबंधित जर्मन दूतावास, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) और विदेश मंत्रालय को दे दी गई है।
अदालत ने मनी ट्रेल की जांच को जरूरी बताया
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनिमेष कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी पूनम जेजलर को 16 अक्टूबर तक दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान आरोपी पक्ष की तरफ से जमानत याचिका भी दायर की गई थी, जिसे कुछ बहस के बाद वापस ले लिया गया। सरकारी वकील गगन भटनागर और शिकायतकर्ता की ओर से पेश शाश्वत ने जमानत याचिका का विरोध किया था।
पूनम जेजलर 2022 में भारत कीर्ति चक्र से सम्मानित हुई थीं। वह स्विट्जरलैंड स्थित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की अध्यक्ष भी हैं। मामले में पुलिस की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।
