Delhi Largest Bus Terminal: अगर सफर एक कहानी है तो साधन यानी ट्रांसपोर्टेशन जरिया है उसको पूरा करने का। हर यात्रा का अपना एक लक्ष्य होता है, और उसे साकार करने में परिवहन की भूमिका बेहद अहम होती है। पैदल चलना आत्ममंथन की तरह है, जहां हर कदम सोच को गहराई देता है। साइकिल आजादी का अहसास कराती है, मानो रास्तों से सीधी दोस्ती हो गई हो। बस और ट्रेन सामूहिक अनुभव हैं, जहां अनजाने चेहरे भी सफर का हिस्सा बन जाते हैं और कहानियां चुपचाप बुनी जाती हैं।
दिल्ली का सबसे बड़ा ISBT
कार सुविधा और नियंत्रण का प्रतीक है, जबकि हवाई जहाज सपनों को पंख देता है और दूरी को कुछ घंटों में समेट देता है। हर साधन न केवल हमें मंजिल तक पहुंचाता है, बल्कि सफर के रंग, गति और एहसास को भी तय करता है। आज हम जिस ट्रांसपोर्टेशन की बात कर रहे हैं वे है बस। दिल्ली जैसे बड़े शहर में मेट्रो के आने के बावजूद, बस आज भी एक ऐसा साधन है, जिसका आम आदमी भरपूर इस्तेमाल करता है। और सबसे ज्यादा एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचने के लिए। दिल्ली में एक ऐसा बस अड्डा है जो न सिर्फ सबसे पुराना बल्कि सबसे बड़ा अंतरराज्यीय बस टर्मिनल है। वैसे तो यहां से आपने कई बार बस पकड़ी होगी, लेकिन हो सकता है कि आप इसके असल नाम से अंजान हो। तो चलिए जानें इसके बारे में।
दिल्ली का सबसे बड़ा अड्डा
दिल्ली का सबसे बड़ा बस अड्डा
जी हां! यह अंतरराज्यीय बस अड्डा दिल्ली का सबसे पुराना और बड़ा ISBT है। जानकारी के मुताबिक, यह बस अड्डा साल 1976 में स्थापित किया गया था। वर्ष 1993 तक यह दिल्ली का प्रमुख बस अड्डा रहा, जिसके बाद इसे परिवहन विभाग के अधीन कर दिया गया। अत्यधिक यात्री दबाव और अव्यवस्थित स्थिति के चलते बाद में सराय काले खां और आनंद विहार में दो नए बस अड्डों का निर्माण किया गया। वर्ष 2011–12 के दौरान परिवहन विभाग ने लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से बस अड्डे के मुख्य भवन का पुनर्निर्माण कराया। इसके बाद वर्ष 2013 में तत्कालीन दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित द्वारा इसका औपचारिक उद्घाटन किया गया।
कितने राज्यों के लिए मिलती है बस?
अब जैसा की हमने बताया कि यह ISBT दिल्ली का सबसे बड़ा बस टर्मिनल है तो यहां से दिल्ली और 7 अन्य राज्यों, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के लिए हर टाइम टू टाइम बसें मिलती रहती हैं। जानकारी के मुताबिक, यह बस टर्मिनल लगभग 13 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है तथा यहां से एक दिन में 1800 से अधिक बसें चलती है।
ISBT के पास मौजूदा मेट्रो स्टेशन
मेट्रो स्टेशन भी है बस अड्डे के पास
इस बस अड्डे के पास ही इसी नाम का एक मेट्रो स्टेशन भी मौजूद है। यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो का सबसे प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन है, जो रेड, येलो और वॉयलेट लाइनों को आपस में जोड़ता है। यह स्टेशन 25 दिसंबर 2002 को जनता के लिए खोला गया था। इसके अलावा, यह देश का पहला मेट्रो स्टेशन है जहां फास्टटैग पार्किंग की सुविधा प्रदान की जाती है। इसके अलावा, इसके सबसे पास पार्श्वनाथ मेट्रो मॉल (Parsvnath Metro Mall) मौजूद है, जो सिविल लाइन्स की ओर लगभग 150-200 मीटर की दूरी पर है। यह बस अड्डे के बेहद करीब है और यहां आसानी से पैदल पहुंचा जा सकता है।
एक्सप्रेसवे और रेलवे स्टेशन भी है पास
इस बस अड्डे के पास से गुजरने वाला सबसे प्रमुख और नया मार्ग देहरादून एक्सप्रेसवे है। इस एक्सप्रेसवे के जरिए उत्तर भारत की ओर जाने वाली लंबी दूरी की गाड़ियों को सीधे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) और एनएच-44 से संपर्क मिलता है, जिससे शहर के अंदर के यातायात से बचना संभव होता है। यह बस अड्डा दिल्ली के रिंग रोड पर स्थित एक महत्वपूर्ण बस स्टॉप भी है। यहां से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन (दिल्ली जंक्शन) भी बेहद करीब है। इसी के साथ, यहां पर ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स (कार एक्सेसरीज), तिब्बती गारमेंट्स (मोनास्ट्री मार्केट), और पुरानी किताबों की मार्केट है।
महाराणा प्रताप आईएसबीटी
क्या है बस अड्डे के आस-पास?
दिल्ली के सबसे व्यस्त इलाकों वाले क्षेत्रों में गिना जाने वाला बस अड्डे का इलाका, ऐतिहासिक धरोहरों, पुरानी दिल्ली के पारंपरिक बाजारों और शानदार परिवहन सुविधाओं से घिरा हुआ है। इस क्षेत्र में लाल किला, चांदनी चौक, यमुना आरती घाट, सेंट जेम्स चर्च और मजनू का टीला जैसे प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं। इसके अलावा, जिस ऐतिहासिक संरचना के नाम पर इस बस अड्डे का नामकरण हुआ है, वह पुरानी दिल्ली (शाहजहानाबाद) में स्थित 17वीं शताब्दी का एक प्रसिद्ध प्रवेश द्वार है, जिसका निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने कराया था। उत्तर दिशा (कश्मीर) की ओर खुलने के कारण इसे यह नाम मिला। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में यह क्षेत्र एक प्रमुख केंद्र रहा है।
आप का अंदाजा निकला सही
अब तक तो आप समझ ही गए होंगे कि हम किस बस अड्डे की बात कर रहे हैं। जी हां, कश्मीरी गेट बस अड्डे की ही बात हो रही है, आपने बिल्कुल सही पहचाना। कश्मीरी गेट बस अड्डे का आधिकारिक और असली नाम महाराणा प्रताप अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (Maharana Pratap Inter State Bus Terminus) है। यहां कुल 45 प्रस्थान बस खण्ड, 8 निष्क्रिय बस खण्ड तथा 13 आगमन बस खण्ड मौजूद हैं, जहां से अन्य राज्यों और दिल्ली के कई बस अड्डों के लिए बस सेवाएं संचालित होती हैं। वहीं, राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए स्थानीय बसों का संचालन मिनी बस स्टैंड से किया जाता है, जिसे डीटीसी ब्लॉक के नाम से जाना जाता है।
