Delhi Air Pollution: दिल्ली में मंगलवार सुबह हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार देखने को मिला। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 168 रहा, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। हालांकि, शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता अब भी ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। इसी बीच, कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी में एक बार फिर सफेद झाग की मोटी परत दिखाई दी है, जिससे नदी के प्रदूषण को लेकर चिंता बनी हुई है।
दिल्ली के कई इलाकों में AQI 200 के पार
CPCB के मुताबिक, सोमवार सुबह 7 बजे दिल्ली का AQI 164 दर्ज किया गया था। मंगलवार को यह बढ़कर 168 हो गया, हालांकि दोनों दिन हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज हुई। शहर के कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर अधिक दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में AQI 251, रोहिणी में 237, आरके पुरम में 234, द्वारका सेक्टर-8 में 223, बवाना में 216, आईआईटी दिल्ली में 214 और आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पर 211 रहा। ये सभी इलाके ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किए गए। पंजाबी बाग में AQI 200 रहा। वहीं, आनंद विहार में AQI 175, अलीपुर में 197, पटपड़गंज में 195 और चांदनी चौक में 198 दर्ज किया गया। नरेला में यह 129, जेएनयू में 146 और इग्नू मैदान, मैदानगढ़ी में 150 रहा। ये सभी ‘मध्यम’ श्रेणी में शामिल हैं।
धूल कम करने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव
दिल्ली में धूल प्रदूषण कम करने के लिए सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं, नोएडा में AQI 143 और ग्रेटर नोएडा में 156 रिकॉर्ड हुआ। दोनों शहरों की हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई। मुंबई में AQI 98 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। हालांकि, कलानगर के आसपास AQI 139 रहा, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में शामिल है। CPCB के मानकों के अनुसार, AQI 0-50 तक ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।
कालिंदी कुंज के पास यमुना में फिर दिखा सफेद झाग
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बीच यमुना नदी में भी प्रदूषण की समस्या देखने को मिल रही है। कालिंदी कुंज के पास नदी की सतह पर सफेद झाग की मोटी परत तैरती दिखाई दी। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने करीब 9,000 करोड़ रुपये की मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के उद्घाटन को दिल्लीवासियों के लिए ‘खुशी का दिन’ बताया था। इसके कुछ दिनों बाद नदी में दोबारा झाग दिखाई देने से यमुना प्रदूषण की चुनौती एक बार फिर सामने आई है।
