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Patna News: युवाओं पर बल प्रयोग का समर्थन नहीं करता, लेकिन उपद्रव स्वीकार्य नहीं, कांग्रेस और JNU प्रोफेसर मामले पर भी बोले चिराग

पटना में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने CJP प्रदर्शन, जीतन राम मांझी के बयान और JNU प्रोफेसर विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी। कहा, भारत को नेपाल-बांग्लादेश नहीं बनने देंगे।

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कांग्रेस पर हमलावर हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान

राजधानी पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने देश के मौजूदा राजनीतिक हालातों, दिल्ली में चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) प्रदर्शन, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के विवादित बयान और JNU प्रोफेसर से जुड़े कांग्रेस सांसद के मामले पर बेबाक बयान दिए हैं। चिराग पासवान ने कहा कि कोई भी ताकत भारत के लोकतंत्र को समाप्त नहीं कर सकती और देश को बांग्लादेश या नेपाल जैसी स्थिति में नहीं जाने दिया जाएगा।

CJP प्रदर्शन और युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई पर बोले चिराग

दिल्ली में चल रहे CJP के विरोध प्रदर्शन और पुलिस एक्शन पर अपनी बात रखते हुए चिराग पासवान ने कहा कि वे खुद राजनीतिक आंदोलनों की उपज हैं। उन्होंने कहा कि "मेरे पिता और कई बड़े नेता जेपी आंदोलन जैसे विरोध प्रदर्शनों से ही निकलकर राजनेता बने हैं। युवाओं और नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है।" हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रोटेस्ट की आड़ में अराजकता फैलाने और लगातार सड़कों को जाम करने वाले असामाजिक तत्वों को रोकना भी जरूरी है। युवाओं पर लाठीचार्ज या बल प्रयोग का समर्थन न करते हुए उन्होंने कहा, "मैं युवाओं के ऊपर बल प्रयोग के पक्ष में कभी नहीं हो सकता। लेकिन कल के आंदोलन में कुछ उपद्रवियों द्वारा पुलिस के सामने एक लड़की को पीटने का जो वीडियो सामने आया है, वह निंदनीय है। प्रदर्शन के नाम पर देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की सोच को स्वीकार नहीं किया जा सकता।"

जीतन राम मांझी के 'झींगुर' वाले बयान पर असहमति

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा युवाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर असहमति जताते हुए चिराग ने कहा कि "जीतन राम मांझी जी द्वारा युवाओं को 'झींगुर' कहना बिल्कुल गलत है। अपनी राजनीति चमकाने के लिए युवाओं के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। युवाओं के आंदोलनों से ही देश की दशा और दिशा बदलती आई है।"

JNU प्रोफेसर मामले पर विपक्ष की चुप्पी पर सवाल

कांग्रेस सांसद और JNU प्रोफेसर से जुड़े यौन शोषण के गंभीर मामले पर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए चिराग पासवान ने तीखा प्रहार किया। "यह बहुत गंभीर चिंता का विषय है कि एक सांसद और गुरु की जिम्मेदारी निभाते हुए ऐसा घिनौना काम किया गया। लेकिन इस पर कांग्रेस पार्टी और उसके नेता पूरी तरह चुप हैं।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अगर यही मामला बीजेपी या एनडीए से जुड़े किसी नेता का होता, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तुरंत सड़क पर बैठ जाते। जिस पार्टी ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री दी, जिसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी रहीं और प्रियंका गांधी सांसद हैं, उस पार्टी द्वारा ऐसे मामलों पर चुप्पी साधना शर्मनाक है। विपक्ष सिलेक्टिव क्रिटिसिज्म कर रहा है।"

SIR और EVM पर विपक्ष को चुनौती

चुनावों में हार के बाद ईवीएम (EVM) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाने वाले विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए चिराग ने कहा कि "विपक्ष हर चुनाव में हार के बाद बहाने ढूंढता है। अगर उन्हें लगता है कि SIR या EVM उनके हार का कारण है, तो उनके जितने भी प्रतिनिधि जीते हुए हैं, वे सभी अपने पदों से इस्तीफा दे दें और चुनाव का विरोध करें। कर्नाटक, तेलंगाना में कांग्रेस जीत जाए तो ठीक, बंगाल में चुनाव जीत जाएं तो सही, लेकिन हारते हीन प्रणाली पर सवाल उठने लगते हैं।"

. चौकीदार की भूमिका और बिहार की कानून-व्यवस्था

बिहार में अपराध नियंत्रण के मामलों पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए चिराग ने कहा कि "मैं पासवान जाति से आता हूं और हमारे पूर्वज चौकीदार रह चुके हैं। समाज के लिए चौकीदारी करने के लिए मैं हमेशा आगे रहता हूं। चाहे वक्फ संशोधन बिल हो, लैटरल एंट्री हो या आरक्षण का मुद्दा हो, मैंने हमेशा पार्टी के भीतर अपनी बात मजबूती से रखी है। अगर बिहार में अपराध की समस्या है, तो मैं इसे सरकार के सामने रखकर इसका समाधान निकालूंगा, इससे भागने से कुछ नहीं होगा।"

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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