Gujarat News: स्कूल को 'शिक्षा का मंदिर' कहा जाता है, लेकिन गुजरात के छोटा उदेपुर जिले में बच्चों की पढ़ाई के लिए सचमुच मंदिर का सहारा लेना पड़ रहा है। यहां एक स्कूल की जर्जर इमारत के चलते 27 बच्चे मंदिर में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। दरअसल, स्कूल की इमारत काफी कमजोर हो चुकी है और बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उनकी कक्षाएं मंदिर में शिफ्ट कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल की नई इमारत बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी तक इसे मंजूरी नहीं मिली है।
दीवारों में दरारें, बारिश में टपकती है छत
यह मामला पावी जेतपुर तालुका के कोलियारी गांव का है। यहां कोलियारी-2 प्राथमिक स्कूल की इमारत लंबे समय से खराब हालत में है। स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की पढ़ाई होती है। यहां कुल 27 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। स्कूल भवन की इतनी ज्यादा जर्जर हो चुकी है कि दीवारों में जगह-जगह बड़ी दरारें हैं। बारिश के दौरान छत से पानी भी टपकता है। भवन की हालत को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसके बाद स्कूल की कक्षाओं को गांव के राम कबीर मंदिर में शिफ्ट कर दिया गया।
मंदिर में पढ़ाई, धार्मिक कार्यक्रम होने पर बढ़ती परेशानी
फिलहाल मंदिर में ही बच्चों की कक्षाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन यह व्यवस्था भी स्थायी नहीं है। मंदिर में जब धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, तब बच्चों की पढ़ाई के लिए दूसरी जगह तलाशनी पड़ती है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों और शिक्षकों की मांग है कि बच्चों के लिए अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय जल्द से जल्द नया और सुरक्षित स्कूल भवन बनाया जाना चाहिए।
नए स्कूल भवन का प्रस्ताव भेजा गया
इस मामले में तालुका प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल राम कबीर मंदिर में कक्षाएं चलाने का फैसला लिया गया है। मंदिर में कार्यक्रम होने की स्थिति में वैकल्पिक जगह की व्यवस्था की जाती है।अधिकारी के मुताबिक, नए स्कूल भवन और क्लासरूम बनाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक उसे मंजूरी नहीं मिली है।
