लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित JPNIC परिसर में माल्यार्पण को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा JPNIC के भीतर पहुंचकर माल्यार्पण करने और इसे 'बदलाव की शुरुआत' बताए जाने पर राज्य के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तीखा पलटवार किया है। ब्रजेश पाठक ने वीडियो जारी कर अखिलेश यादव के प्रदर्शन को महज एक 'नाटक' करार देते हुए JPNIC के निर्माण खर्च, भ्रष्टाचार और इसके संचालन को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं।
"जेपी और लोहिया के नाम पर अपने कृत्यों को छिपा रही है सपा"
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ. राममनोहर लोहिया जीवनभर भ्रष्टाचार, कदाचार और परिवारवाद के खिलाफ संघर्ष करते रहे, लेकिन आज सपा उनके नाम का इस्तेमाल अपने कृत्यों को छिपाने के लिए कर रही है। डिप्टी सीएम ने कहा कि "भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ जीवनभर संघर्ष करने वाले जेपी के नाम पर आज राजनीति हो रही है। महापुरुषों का सम्मान और उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा भव्यता और 5-स्टार सुविधाओं पर खर्च होना चाहिए या नहीं, अखिलेश यादव को इसका जवाब देना चाहिए।"
"17 करोड़ का प्रोजेक्ट 850 करोड़ तक कैसे पहुंचा?"
ब्रजेश पाठक ने जेपीएनआईसी की लागत में भारी वृद्धि को लेकर पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार से सीधा हिसाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि "अखिलेश यादव जवाब दें कि जिस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत मात्र 17 करोड़ रुपये थी, वह बढ़ते-बढ़ते 850 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गई? लागत बार-बार क्यों बढ़ाई गई?" JPNIC को बेचने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परिसर को बेचा नहीं गया है, बल्कि इसके बेहतर और सुचारू संचालन के लिए इसे लीज पर दिया गया है, ताकि जनता के पैसे से बनी संपत्ति का सही उपयोग हो सके। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस सेंटर के भीतर स्विमिंग पूल और अन्य फाइव-स्टार सुविधाएं क्यों बनाई गईं, जबकि जनता के पैसों का इस्तेमाल जनहित पर होना चाहिए था।
JPNIC पहुंचे थे अखिलेश यादव
इससे पहले, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सुरक्षा पहरे के बीच JPNIC के अंदर पहुंचे और लोकनायक जेपी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। पिछले कई वर्षों से उन्हें यहां जाने से रोके जाने की चर्चाओं के बीच इस बार रात में पुलिस तैनात रहने के बावजूद उन्हें अंदर जाने की अनुमति मिली। माल्यार्पण के बाद अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "लोकनायक जयप्रकाश जी के इस म्यूजियम में आने का मौका मिला है। उनके आंदोलन ने उस समय की सत्ता को हिलाने का काम किया था। जयप्रकाश जी का 'संपूर्ण क्रांति' आंदोलन आज भी प्रासंगिक है। आज जब हमें यहां आने का मौका मिला है, तो ऐसा लगता है कि यह प्रदेश में बदलाव की शुरुआत और परिवर्तन का आगाज है।"
