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नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत का इंसाफ : मुस्कान और साहिल को सजा-ए-मौत, कोर्ट में बोली-मेरी बेटी का ख्याल रखना

उत्तर प्रदेश के मेरठ के बेहद चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने साक्ष्य छिपाने के आरोप में दोनों को सात-सात साल की भी सजा सुनाई गई है।

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मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड के आरोपियों को फांसी की सजा (फाइल फोटो)

यूपी के मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्या के दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर बुधवार को अदालत ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गंभीर अपराध मानते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई है। दोनों को 30 सितंबर को सौरभ की हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश के मामले में दोषी ठहराया गया था। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी। दोनों को साक्ष्य छिपाने के आरोप में सात-सात साल की भी सजा सुनाई गई है। इस दौरान मुस्कान ने कहा कि मेरी बेटियों का ध्यान रखना।

मेरठ के इस हाई प्रोफाइल और चर्चित केस में बुधवार की सुबह सुनवाई हुई। जिला जेल से दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों से अपना पक्ष रखने को कहा, लेकिन दोनों ने कोई बात नहीं रखी। कोर्ट में मृतक सौरभ राजपूत के भाई और मां मौजूद थीं। जिला जज ने फैसला सुनाते हुए दोनों को सबूत छुपाने के आरोप में सात-सात साल की भी सजा सुनाई है।

क्या बोली मां

फैसला आने के बाद सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने कहा कि हमें बहुत अच्छा लग रहा है। हम इस बात से बहुत संतुष्ट हैं कि उन दोनों को मौत की सज़ा सुनाई गई है। हमें वह न्याय मिला जिसके लिए हम लड़ रहे थे। हम अपने वकीलों, सहयोगियों और स्टाफ़ के बहुत आभारी हैं। हम हमेशा उनका धन्यवाद करेंगे और उनके ऋणी रहेंगे। जेल में बंद बेटी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। रही बात बड़ी बेटी की तो अगर उसके नाना-नानी उसे बिना किसी शर्त के हमें सौंप देते हैं, तो हम उसे अपने साथ रखेंगे।

क्या था पूरा मामला

मार्च 2025 में मुस्कान ने साहिल की मदद से सौरभ की हत्या कर दी थी और उसके शव के टुकड़े कर दिए थे और उन्हें एक नीले ड्रम में डाल दिया था। 30 सितंबर को जिला जज अरविंद कुमार ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को दोषी करार दिया था।

बता दें कि सौरभ राजपूत हत्याकांड में जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू हुआ था। इस दौरान लगभग 13 महीनों तक चली कोर्ट बहस में 126 तारीखों के दौरान 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

बता दें कि सौरभ राजपूत हत्याकांड पूरे देश में चर्चा का विषय बना था। सौरभ के शव के टुकड़े उसके ही घर में एक नीले ड्रम के अंदर मिले थे। पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल पर सौरभ की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में भरने का आरोप है। पिछले साल 19 मार्च को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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