जब से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़कर राज्यसभा जाने की खबरें आईं, तब से ही बिहार की राजनीति में हलचल है। फिर कल यानी गुरुवार 5 मार्च की सुबह स्वयं नीतीश कुमार ने इसकी घोषणा की और दोपहर करीब उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन भी भर दिया। लेकिन नीतीश कुमार को चाहने वाले लोग इस बात को हजम ही नहीं कर पा रहे हैं कि वह बिहार छोड़कर दिल्ली चले जाएंगे। समर्थकों के साथ ही परिवार और नाते-रिश्तेदारों की तरफ से भी नीतीश के राज्यसभा जाने पर प्रतिक्रिया सामने आयी है। यहां तक कहा गया है कि नीतीश कुमार के बिहार छोड़कर जाने से राज्य विधवा हो जाएगा।
बिहार छोड़ अब दिल्ली चले नीतीश कुमार
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी दिख रही है। उनकी छोटी बहन इंदू ने कहा कि अगर भईया बिहार की सक्रिय राजनीति से दूर होते हैं तो राज्य को उनकी कमी बहुत ज्यादा महसूस होगी। उन्होंने कहा कि नीतीश ने अपना पूरा जीवन ही बिहार की सेवा और विकास के लिए समर्पित कर दिया है। ऐसे में अगर वह राज्यसभा जाते हैं तो बिहार खाली-खाली सा लगेगा।
लेकिन नीतीश कुमार के बहनोई का बयान ज्यादा चर्चा में हैं। उनके बहनोई अनिल कुमार ने नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश कुमार बिहार की राजनीति से दूर होते हैं, तो राज्य को बड़ा नुकसान होगा। अनिल कुमार ने तो यहां तक कहा कि नीतीश कुमार के बिना बिहार 'विधवा' जैसा हो जाएगा। उनके इस बयान की काफी चर्चा हो रही है।
बता दें कि नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। विधानसभा चुनाव में NDA ने उनके चेहरे को सामने रखकर चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की। इससे पहले वह 6 बार लोकसभा चुनाव जीतकर दिल्ली जा चुके हैं। लंबे समय तक बिहार की राजनीति में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की।
नीतीश कुमार ने कल यानी गुरुवार 5 मार्च को राज्यसभा के लिए नामांकन कर दिया है। माना जा रहा है कि नीतीश के सीएम पद से इस्तीफे के बाद यह कुर्सी किसी भाजपा नेता को मिल सकती है। इस तरह से बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
