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झारखंड की कविता बच्चों के लिए साड़ी में नंगे पांव दौड़ी, 1600 मीटर पास की पर हाई जंप में चूकी, टूटा होमगार्ड बनने का सपना

झारखंड की कविता ने चिलचिलाती धूप में 1,600 मीटर की दौड़ केवल 8.57 मिनट में पूरी कर ली थी, लेकिन भर्ती परीक्षा के दौरान वह हाई जंप (ऊंची कूद) पार करने में असफल रहीं।

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झारखंड की कविता बच्चों के लिए साड़ी में नंगे पांव दौड़ी, 1600 मीटर पास की पर हाई जंप में चूकी, टूटा होमगार्ड बनने का सपना

साड़ी पहनकर नंगे पैर दौड़ने के कारण सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीतने वाली कविता को उम्मीद थी कि इस भर्ती परीक्षा से उनकी जिंदगी बदल जाएगी। झारखंड के रामगढ़ जिले की रहने वाली और दो बच्चों की मां कविता ने 1,600 मीटर की दौड़ महज 8 मिनट 57 सेकंड में पूरी कर ली, जो कि तय 10 मिनट की समय-सीमा से काफी पहले थी। हालांकि, उनका चयन होने का सपना तब टूट गया, जब तीन मौके मिलने के बावजूद वह हाई जंप पार नहीं कर सकीं।

हाई जंप के लिए मिले तीन मौके, फिर भी सफलता नहीं मिली

भर्ती परीक्षा में कविता ने तय समय से पहले ही 1,600 मीटर की दौड़ पूरी कर ली और रनिंग टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिया। इसके बाद उन्हें हाई जंप पार करने के लिए तीन मौके दिए गए। दुर्भाग्य से, वह जरूरी ऊंचाई पार नहीं कर सकीं और उन्हें असफल घोषित कर दिया गया। इस परीक्षा में कुल 930 महिला उम्मीदवार शामिल हुई थीं।

सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हुईं कविता

कविता पहली बार इस महीने की शुरुआत में चर्चा में आईं, जब एक ट्रायल रन आयोजित किया गया था। आर्थिक तंगी और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण, उनके पास दौड़ने के लिए जूते तक नहीं थे। इन चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने साड़ी पहनकर और नंगे पैर दौड़ में हिस्सा लिया। उनके दौड़ने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जिससे वह रातों-रात चर्चा में आ गईं।

पति की मौत के बाद परिवार को संभाल रही हैं कविता

कविता का जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा है। कुछ साल पहले उनके पति का निधन हो गया, जिसके बाद अपने दो बच्चों और बुजुर्ग सास-ससुर की जिम्मेदारी उन पर आ गई। नौकरी पाने, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवार का भरण-पोषण करने की उम्मीद के साथ वह इस भर्ती परीक्षा में शामिल हुई थीं। उनकी कहानी वायरल होने के बाद, कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आए, ताकि वह अपनी ट्रेनिंग जारी रख सकें और अपने परिवार का खर्च उठा सकें। 1,600 मीटर की दौड़ पूरी करने के बाद ऐसी उम्मीद जगी थी कि वह अपना सपना पूरा कर सकती है। हालांकि, हाई जंप में असफल रहने के कारण उसके चयन की संभावना खत्म हो गई।

रामगढ़ जिले में होम गार्ड पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है

कविता का कहना है कि वह अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए होम गार्ड में शामिल होना चाहती हैं। गौरतलब है कि रामगढ़ जिले में होम गार्ड पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगी। कविता की कहानी ने अन्य उम्मीदवारों को भी प्रेरित किया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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