Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं और मानसिक स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी पिछले चार महीनों से अपनी बेटी के शव के साथ एक ही घर में रह रहा था। दुर्गंध छिपाने के लिए आरोपी पिता ने न केवल परफ्यूम का इस्तेमाल किया, बल्कि घर को कचरे से भर दिया।
4 महीने तक घर में ही सड़ती रही लाश (सांकेतिक चित्र)
4 महीने पहले हुई थी मौत, नहीं किया अंतिम संस्कार
पीटीआई से बातचीत में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मूल निवासी और शिक्षा विभाग से प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त उदय भानु विश्वास (76) आगरा के सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला में अपनी 35 वर्षीय बेटी प्रियंका विश्वास के साथ रहते थे। प्रियंका एक निजी शिक्षिका थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि प्रियंका की मौत 1 दिसंबर 2025 को बीमारी के कारण हुई थी। लेकिन पिता ने न तो किसी को सूचना दी और न ही अंतिम संस्कार किया।
परफ्यूम और कचरे से छिपाई मौत की दुर्गंध
हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी पिता कई दिनों तक शव के साथ ही घर में रहा। शव के सड़ने से आने वाली बदबू को दबाने के लिए वह लगातार परफ्यूम छिड़कता रहा। बाद में, पड़ोसियों को शक न हो, इसलिए उसने पूरे घर को कूड़े-कचरे से भर दिया और खुद हरिद्वार चला गया। वह हाल ही में वहां से वापस लौटा था।
रिश्तेदारों के आने पर खुला खौफनाक राज
शुक्रवार को जब कुछ रिश्तेदार उदय भानु के घर पहुंचे, तो उन्हें वहां से असहनीय दुर्गंध महसूस हुई। शक होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस ने प्रियंका के बारे में पूछताछ की, तो पहले बुजुर्ग पिता टाल-मटोल करता रहा, लेकिन सख्ती दिखाने पर उसने सच उगल दिया। उसने बताया कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी है और उसका शव कमरे के अंदर बंद है।
कमरे में मिला कंकाल, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस जब घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां महिला का केवल कंकाल ही शेष बचा था। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। सीओ (कैंटोनमेंट) नवीना शुक्ला ने बताया कि आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया गया है और पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई और बात है।
