Chandigarh Crime: ठगों ने स्टडी वीजा के नाम पर 15लोगों से की ढाई करोड़ की ठगी, पासपोर्ट और डिग्रियां लेकर फरार

Chandigarh Crime: चंडीगढ़ में स्‍टडी वीजा के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। एक इमिग्रेशन कंपनी का मालिक करीब 15 लोगों के साथ ढाई करोड़ की ठगी कर फरार हो गया है। पुलिस ने आरोपी पर धोखाधड़ी समेत छह धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पूरे मामले की जांच की जिम्‍मेदारी साइबर सेल को सौंपी गई है।

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चंडीगढ़ में स्‍टडी वीजा के नाम पर ढाई करोड़ की ठगी   |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • स्‍टडी वीजा के नाम पर 15 लोगों से ढाई करोड़ की ठगी
  • लोगों को पासपोर्ट और टिकट के लिए ऑफिस बुलाकर हो गया फरार
  • पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज कर साइबर सेल को सौंपी जांच

Chandigarh Crime: चंडीगढ़ में स्टडी वीजा देने के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। एक इमिग्रेशन कंपनी ने विदेश भेजने के नाम पर 15 लोगों से करीब ढाई करोड़ रुपये ठग लिए। साथ ही ठगी के शिकार पीड़ितों के सभी प्रमाणपत्र, पासपोर्ट और डिग्रियां लेकर आरोपी फरार हो गए। पीड़ितों की शिकायत के आधार पर सेक्टर-34 थाना पुलिस ने उक्‍त इमिग्रेशन कंपनी के मालिक अरविंदर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत छह धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इस पूरे मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई है।

पंजाब के मोगा जिले के गांव कलां के रहने वाले भूपिंदर सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अपनी बेटी लवप्रीत कौर को कनाडा भेजना था। इसलिए किसी माध्‍यम से मैने चंडीगढ़ के सेक्‍टर-34 स्थित एएस इमिग्रेशन कंसलटेंट में संपर्क किया। कंपनी के मालिक अरविंदर ने मुझे बेटी के साथ अपने ऑफिस बुलाया। यहां पर अरविंदर ने विदेश भेजने के लिए लवप्रीत का दसवीं, बारहवीं का प्रमाणपत्र और पासपोर्ट ले लिया।

आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर लोगों के साथ की ठगी

शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी अरविंदर ने इस दौरान जीआईसी उन्हें खुद भरने को कहा। साथ ही बोला कि वीजा आने के बाद उससे सिर्फ 95 हजार रुपये लिए जाएंगे, लेकिन कुछ दिनों बाद अरविंदर ने कॉल कर ऑफर लेटर आने की बात बताई और ऑफिस बुलाया। यहां पर उसने 50 हजार रुपये ले लिए। कुछ दिनों बाद उसने भूपिंदर को दफ्तर बुलाकर जीआईसी के नाम से 6.30 लाख रुपये के तीन चेक ले लिए। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद उसने अलग-अलग कारणों से करीब कुल 20 लाख रुपये ले लिए और दो दिन बाद दफ्तर बुलाकर पासपोर्ट और टिकट देने की बात कही थी।

 15 लोगों से ढाई करोड़ की ठगी 

शिकायकर्ता ने कहा कि, जब वह अरविंदर के दफ्तर पहुंचे तो वहां ताला लगा हुआ था। उसके मोबाइल पर कॉल की तो सभी नंबर बंद थे। दफ्तर के बाहर लोगों की भीड़ लगी हुई थी। सभी लोग अपने पासपोर्ट और टिकट लेने पहुंचे थे। आरोपी सभी लोगों के पासपोर्ट, दसवीं और बारहवीं के प्रमाणपत्र समेत सभी डिग्रियां भी लेकर फरार है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने 15 लोगों के साथ करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी की है। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।

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