RBI cuts repo rate : रेपो रेट में हुई कटौती, क्या FD वालों की बढ़ेगी चिंता, जानें क्या करें क्या नहीं

What should FD investors do after RBI cuts repo rate : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक में रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की बड़ी कटौती की घोषणा की है, जिससे यह अब 5.5% पर आ गया है। यह इस साल की तीसरी कटौती है, जो कर्ज लेने वालों के लिए तो राहत लेकर आई है, लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए यह एक चिंता की वजह बन गई है। रेपो रेट में कटौती का सीधा असर एफडी की ब्याज दरों पर पड़ता है और आने वाले महीनों में इसमें और गिरावट देखी जा सकती है। ऐसे माहौल में एफडी निवेशकों को अपनी रणनीति समझदारी से तय करनी होगी ताकि वे घटती ब्याज दरों के दौर में भी बेहतर रिटर्न सुनिश्चित कर सकें।

What should FD investors do after RBI cuts repo rate : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2025 में लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कटौती करते हुए इसे 50 बेसिस पॉइंट घटाकर 5.5% कर दिया है। हालांकि यह होम लोन लेने वालों के लिए राहत की खबर है, लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि आने वाले समय में एफडी पर मिलने वाला ब्याज और घट सकता है।

RBI repo rate cut, FD interest rates, fixed deposit strategy, interest rate fall, RBI monetary policy, FD laddering, corporate FD, savings account rate, inflation target, SBI research, bank FD rates, long-term FD, medium-term FD, deposit insurance, investment strategy, senior citizen FD, home loan EMI, repo rate impact

एफडी वालों का क्या होगा?

SBI की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी 2025 से अब तक एफडी पर ब्याज दरों में 30 से 70 बेसिस पॉइंट तक की कटौती हो चुकी है। इसके अलावा सेविंग अकाउंट्स पर भी ब्याज दरों में गिरावट दर्ज की गई है। कई बैंकों ने सेविंग अकाउंट्स पर न्यूनतम 2.70% ब्याज देना शुरू कर दिया है।

End of Feed