What is Minimum Amount Due on Credit Card: आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन इसके बिल से जुड़ी कुछ बातें लोगों को पूरी तरह समझ नहीं आतीं। अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और Minimum Due यानी न्यूनतम देय राशि को लेकर कंफ्यूज रहते हैं तो ये जानकारी आपके काम की साबित हो सकती है।
Minimum Amount Due on Credit Card (Photo: iStock)
क्रेडिट कार्ड में Minimum Due क्या होता है?
Minimum Amount Due on Credit Card (Photo: iStock)
सबसे पहले तो यही समझें कि Credit Card Minimum Due क्या होता है? दरअसल, यह वह सबसे कम रकम होती है, जिसे आपको अपने क्रेडिट कार्ड बिल की ड्यू डेट तक चुकाना जरूरी होता है ताकि आपका अकाउंट एक्टिव बना रहे और लेट फीस से बचा जा सके। आमतौर पर यह कुल बकाया राशि का लगभग 2% से 5% होता है।
Minimum Due भरने का फायदा
Minimum Due भरने का फायदा यह है कि आप लेट पेमेंट चार्ज और डिफॉल्ट की स्थिति से बच जाते हैं। यानी आपका अकाउंट “ओवरड्यू” नहीं माना जाता और तत्काल आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक असर नहीं पड़ता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपका कर्ज खत्म हो गया है। जो बाकी राशि बचती है, उस पर बैंक भारी ब्याज लगाता है और यह रकम अगले बिल में जुड़ जाती है।
क्या क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है?
अब सवाल आता है कि क्या सिर्फ Minimum Due भरने से आपका क्रेडिट स्कोर खराब होता है? इसका जवाब थोड़ा मुश्किल हो सकता है। अगर आप समय पर Minimum Due भरते हैं, तो आपका स्कोर तुरंत नहीं गिरता, क्योंकि आप डिफॉल्ट में नहीं जाते। लेकिन अगर आप लगातार कई महीनों तक सिर्फ Minimum Due ही भरते रहते हैं, तो इसका असर धीरे-धीरे आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ सकता है।
इसका मुख्य कारण क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेश्यो होता है यानी आप अपने उपलब्ध क्रेडिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल कर रहे हैं। जब आप पूरा भुगतान नहीं करते, तो आपकी बकाया राशि ज्यादा बनी रहती है, जिससे यह रेश्यो बढ़ जाता है और यह आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकता है।
इसके अलावा, लगातार Minimum Due भरना बैंक को यह संकेत देता है कि आप कर्ज चुकाने में संघर्ष कर रहे हैं। इससे आपकी क्रेडिट प्रोफाइल कमजोर हो सकती है और भविष्य में लोन या नया क्रेडिट कार्ड लेने में दिक्कत आ सकती है।
इसके साथ एक और बड़ी समस्या ब्याज का बढ़ना भी है। Minimum Due भरने पर बाकी रकम पर हर महीने ब्याज लगता रहता है, जिससे आपका कुल कर्ज तेजी से बढ़ सकता है और आप डेब्ट ट्रैप में फंस सकते हैं।
