अमेरिका-ईरान तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने बाजार का रुख बदल दिया है। सैन्य कार्रवाई टालने के संकेत से ग्लोबल बाजारों में राहत आई है। Gift Nifty 800 अंक उछला और कच्चा तेल 10% टूट गया, जिससे भारतीय बाजार में तेज रिकवरी की उम्मीद बढ़ गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर अपने पोस्ट में तीन बड़ी बातें कही हैं। पहली बात, उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में “बहुत अच्छे और प्रोडक्टिव बातचीत” हुई है और यह बातचीत मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के समाधान की दिशा में है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि अमेरिकी सेना को निर्देश दिया गया है कि ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले सभी हमले 5 दिन के लिए टाल दिए जाएं। तीसरी और सबसे अहम बात, उन्होंने साफ कही कि आगे की कार्रवाई अब इस बात पर निर्भर करेगी कि ये बातचीत कितनी सफल होती है।
Gift Nifty में 800 अंक की उछाल
ग्लोबल संकेतों का सबसे बड़ा असर Gift Nifty पर दिखा, जो करीब 800 अंक उछलकर 23,285 के स्तर पर पहुंच गया। करीब 4% की यह तेजी बताती है कि भारतीय बाजार में अगले सत्र में जोरदार गैप-अप ओपनिंग देखने को मिल सकती है।
अमेरिकी और यूरोपीय बाजार में रिकवरी
अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती लौटी है। Dow Jones Futures करीब 2% उछलकर 46,535 के पार पहुंच गया। यूरोप में भी DAX 2.15% और CAC 1.66% चढ़ा, जो साफ दिखाता है कि ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट तेजी से सुधर रहा है।
क्रूड में 10% गिरावट: भारत के लिए राहत
सबसे बड़ा ट्रिगर कच्चे तेल में आई तेज गिरावट है। ब्रेंट क्रूड करीब 10% टूटकर 100 डॉलर के आसपास आ गया, जबकि WTI क्रूड भी 9% से ज्यादा गिरा। भारत जैसे आयातक देश के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के दबाव में कमी आ सकती है।
करेंसी और गोल्ड का क्या हाल
डॉलर इंडेक्स में हल्की कमजोरी आई है, जबकि सोना भी दबाव में है। यह संकेत देता है कि निवेशक सुरक्षित निवेश (safe haven) से निकलकर फिर से इक्विटी की ओर रुख कर रहे हैं।
क्या भारतीय बाजार बनेगा रॉकेट?
मौजूदा संकेत बताते हैं कि बाजार में शॉर्ट कवरिंग और रिलीफ रैली देखने को मिल सकती है। हालांकि, यह देखना अहम होगा कि बाजार खुलने तक पश्चिम एशिया में हालात कैसे रहते हैं। क्योंकि, ट्रंप के बयान पर भले ही गिफ्टी निफ्टी और यूएस फ्यूचर में रिकवरी दिख रही है। लेकिन, ईरान ने ट्रंप के बयान पर जवाब देते हुए कहा है कि ईरान की तरफ से युद्ध जारी है। ईरान की अमेरिका के साथ कोई बात नहीं हो रही है। यह बयान ट्रंप की पैंतरेबाजी है, ताकि वे अपनी आगे की सैन्य रणनीति बना पाएं और ग्लोबल फ्यूल प्राइस को कंट्रोल कर पाएं।
लंबा है राहत का रास्ता
ग्लोबल मार्केट्स में भले ही ट्रंप के बयान से रिलीफ रैली आ जाए, लेकिन भारत के लिए राहत का रास्ता काफी लंबा हो सकता है। क्योंकि, भारत के एनर्जी मार्केट को पश्चिम में जारी तनाव से गहरा झटका लगा है। भारतीय बास्केट क्रूड 150 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। जबकि, इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट फिलहाल करीब 103 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। ऐसे में लोअर लेवल से भले ही एक बाउंस बैक मिल जाए, लेकिन युद्ध की शुरुआत से पहले वाले स्तर पर पहुंचने में समय लग सकता है।
