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Stock Market Outlook : क्यों निवेशकों के लिए अगले 6 महीने बेहद खास, 25 साल के आंकड़े दे रहे गवाही?

शेयर बाजार निवेशकों का आधा साल निराशा में गुजरा है। क्योंकि बाजार पिछले साल के स्तरों पर अटका है। लेकिन, 25 साल के आंकड़े बताते हैं कि अगले 6 महीने बाजार में तगड़ा एक्शन देखने को मिल सकता है।

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आंकड़े दे रहे बाजार में तेजी के संकेत
Authored by: Yateendra Lawaniya
Updated Jul 2, 2026, 13:20 IST
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Stock Market Outlook : भारतीय शेयर बाजार ने पिछले 18 महीनों में निवेशकों को निराश किया है। सितंबर 2024 में पीक पर पहुंचने के बाद से बाजार एक रेंज में अटका है। इसकी वजह से बहुत से निवेशकों को इस दौरान शून्य से नेगेटिव रिटर्न मिला है। लेकिन, हिस्टोरिकल डाटा के आधार पर एक्सपर्ट बता रहे हैं कि आने वाले 6 महीने निवेशकों के लिए बेहद खास होने वाले हैं। क्योंकि, इस दौरान बाजार सरपट दौड़ सकता है।

क्या है एक्सपर्ट की राय?

SAMCO Securities की ताजा रिसर्च के मुताबिक, पिछले 25 वर्षों (2001-2025) में Nifty ने जुलाई में 18 बार पॉजिटिव रिटर्न दिया है। यानी करीब 72% मौकों पर यह महीना निवेशकों के लिए फायदे का रहा। वहीं, IT सेक्टर के 30 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जुलाई से दिसंबर के बीच Nifty IT का प्रदर्शन साल की पहली छमाही के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट साफ कहते हैं कि सिर्फ ऐतिहासिक ट्रेंड देखकर निवेश का फैसला नहीं लेना चाहिए, लेकिन जब मजबूत इतिहास और मौजूदा आर्थिक हालात एक-दूसरे का समर्थन करें, तब बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बनता है।

जुलाई क्यों मजबूती का महीना?

SAMCO Securities के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट जाहोल प्रजापति का कहना है कि जुलाई लंबे समय से भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे मजबूत महीनों में शामिल रहा है। जाहोल प्रजापति कहते हैं, "पिछले 25 वर्षों (2001-2025) में Nifty ने जुलाई में 18 बार सकारात्मक रिटर्न दिया है, यानी इसकी सफलता दर 72% रही है। औसतन जुलाई में Nifty ने 2.19% का रिटर्न दिया, जिससे यह दिसंबर और नवंबर के बाद तीसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला महीना बन जाता है। हालांकि केवल सीजनल ट्रेंड को निवेश की रणनीति नहीं बनाना चाहिए, लेकिन यह अक्सर कुछ दोहराए जाने वाले सकारात्मक कारकों को दर्शाता है।"

क्यों उम्मीद बढ़ाता है जुलाई?

रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में आमतौर पर सामान्य मानसून की शुरुआत होती है, जिससे ग्रामीण मांग और अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलता है। इसी दौरान कंपनियां पहली तिमाही (Q1) के नतीजे घोषित करना शुरू करती हैं। अगर नतीजे उम्मीद से बेहतर आते हैं तो बाजार में तेजी का माहौल बन सकता है। इसके अलावा घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी भी बाजार को मजबूती देती है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार सिर्फ इतिहास ही नहीं, बल्कि मौजूदा मैक्रो इकोनॉमिक संकेत भी बाजार को सहारा देते दिखाई दे रहे हैं।

Stock Market Outlook

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कच्चा तेल बाजार के लिए बूस्टर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद तथा जियो पॉलिटिकल तनाव कम होने से तेल की कीमतों पर दबाव बना है। इसका सीधा फायदा भारत जैसे आयातक देश को मिल सकता है क्योंकि इससे कंपनियों की लागत और महंगाई दोनों कम रहने की संभावना बढ़ती है।

रुपये में रिकवरी से राहत

इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय रुपये में भी इस साल की शुरुआत में आई तेज अस्थिरता के बाद स्थिरता देखने को मिल रही है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली पहले की तुलना में कम हुई है, जिससे संस्थागत निवेश का माहौल भी बेहतर हुआ है। जाहोल प्रजापति कहते हैं, "कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपये में स्थिरता और FPI की बिकवाली में कमी जैसे कारक भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल तैयार कर रहे हैं। यदि वैश्विक स्तर पर कोई बड़ा जोखिम सामने नहीं आता, तो ये परिस्थितियां भारतीय इक्विटी बाजार को समर्थन दे सकती हैं।"

IT सेक्टर में बन रहा है अवसर?

रिपोर्ट में सिर्फ व्यापक बाजार ही नहीं बल्कि IT सेक्टर को लेकर भी अहम संकेत दिए गए हैं। हाल के महीनों में Nifty IT Index लगभग 10% से ज्यादा टूट चुका है। इस गिरावट के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बढ़ती प्रतिस्पर्धा, वैश्विक कंपनियों द्वारा विवेकाधीन खर्च (Discretionary Spending) में कमी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जैसी चिंताएं रही हैं। लेकिन SAMCO का मानना है कि इतिहास बताता है कि जब बाजार में किसी सेक्टर को लेकर सबसे ज्यादा निराशा होती है, तब अक्सर वहीं सबसे बेहतर निवेश अवसर भी बनते हैं। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में IT कंपनियों के वैल्यूएशन अपने दीर्घकालिक औसत से नीचे आ चुके हैं। ऐसे में कुछ महीने पहले की तुलना में जोखिम और संभावित रिटर्न का संतुलन अब ज्यादा आकर्षक दिखाई देता है।

30 साल का रिकॉर्ड IT सेक्टर के पक्ष में

रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा Nifty IT Index के ऐतिहासिक प्रदर्शन से जुड़ा है। इसमें SAMCO Securities ने 1997 से 2025 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। इसके आधार पर बताया गया है कि साल की पहली छमाही की तुलना में दूसरी छमाही में IT सेक्टर का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है। सभी उपलब्ध वर्षों के औसत के अनुसार पहली तिमाही (Q1) में Nifty IT ने औसतन 3.40% रिटर्न दिया, जबकि दूसरी तिमाही (Q2) में यह घटकर सिर्फ 0.58% रहा। इसके बाद तीसरी तिमाही (Q3) में औसत रिटर्न बढ़कर 10.18% और चौथी तिमाही (Q4) में 11.28% तक पहुंच गया। यानी जुलाई से दिसंबर के बीच IT सेक्टर ने ऐतिहासिक रूप से साल की पहली छमाही के मुकाबले कई गुना बेहतर प्रदर्शन किया है।

निवेश पर दी ये सलाह

जाहोल प्रजापति कहते हैं, "सीजनल ट्रेंड अकेले निवेश का आधार नहीं बन सकते। लेकिन, जब आकर्षक वैल्यूएशन, बाजार में अत्यधिक निराशा और मजबूत ऐतिहासिक रिकॉर्ड एक साथ दिखाई दें, तब निवेशकों के पक्ष में संभावनाएं बेहतर हो जाती हैं। यदि कंपनियों की आय (Earnings) से जुड़ी उम्मीदें स्थिर होती हैं और वैश्विक टेक्नोलॉजी खर्च में धीरे-धीरे सुधार आता है, तो साल की दूसरी छमाही धैर्य रखने वाले IT निवेशकों के लिए एक बार फिर फायदेमंद साबित हो सकती है।"

    डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

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