रिटायरमेंट (Retirement) के बाद सबसे बड़ी चिंता आमतौर पर यह होती है कि नियमित सैलरी बंद होने के बाद हर महीने के खर्च कैसे पूरे होंगे। नौकरी के दौरान हर महीने एक निश्चित रकम बैंक खाते में आती है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद यही खर्च आपकी बचत और निवेश से पूरे करने पड़ सकते हैं। इसलिए रिटायरमेंट की प्लानिंग (Retirement Planning) करते समय सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि आज आपका खर्च कितना है। यह भी अनुमान लगाना जरूरी है कि 20-25 साल बाद इसी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए हर महीने कितने पैसे की जरूरत होगी। आइए समझते हैं इस हिसाब को कैसे लगाया जा सकता है-
सबसे पहले जानें आज आपका मासिक खर्च कितना है
मान लीजिए आपकी उम्र अभी 35 साल है और आप 60 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं। यानी आपके पास रिटायरमेंट की तैयारी के लिए 25 साल हैं। मान लीजिए आज आपका कुल घरेलू खर्च 50,000 प्रति महीना है। इसमें राशन, बिजली-पानी, घर का खर्च, यात्रा, दवाइयां, मनोरंजन और दूसरे नियमित खर्च शामिल हैं। अब सवाल है कि 25 साल बाद 50,000 महीने का यही खर्च कितना हो जाएगा? यहां महंगाई को ध्यान में रखना होगा।
महंगाई का असर कैसे निकालें?
मान लीजिए हम औसतन 6% सालाना महंगाई मानते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर साल महंगाई बिल्कुल 6% ही रहेगी, बल्कि कैलकुलेशन को समझने के लिए यह एक अनुमान है। 25 साल बाद 50,000 रुपये की आज की जरूरत कितनी होगी, इसे समझने के लिए महंगाई के असर को जोड़ना होगा।
50,000 × (1.06)²⁵ = 2.15 लाख रुपये (लगभग)
यानी अगर आज आपका मासिक खर्च 50,000 है और अगले 25 वर्षों में औसत महंगाई 6% रहती है तो 60 साल की उम्र में इसी स्तर की खरीदारी करने के लिए लगभग 2.15 लाख प्रति महीना चाहिए हो सकता है।
रिटायरमेंट के बाद कितने साल का खर्च चाहिए?
अगर आप 60 साल की उम्र में रिटायर होते हैं और मान लेते हैं कि आपको 85 साल की उम्र तक अपने निवेश से खर्च चलाना है तो आपको करीब 25 साल की रिटायरमेंट अवधि के लिए योजना बनानी होगी।
उदाहरण में 60 साल की उम्र में अनुमानित मासिक खर्च करीब 2.15 लाख रुपये था। ऐसे में आपको सालाना 25.8 लाख रुपये की जरूरत पड़ सकती है।
2.15 लाख × 12 = लगभग 25.8 लाख रुपये सालाना
यह भी ध्यान रखें कि रिटायरमेंट के बाद भी महंगाई जारी रहेगी। इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि 25 साल तक हर महीने 2.15 लाख ही पर्याप्त रहेंगे। हर साल खर्च बढ़ सकता है। रिटायरमेंट कॉर्पस तय करते समय महंगाई, निवेश से मिलने वाला संभावित रिटर्न और रिटायरमेंट की अवधि तीनों को ध्यान में रखना जरूरी है।
