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Retail Inflation: जून में छह साल के निचले स्तर पर रही महंगाई, खुदरा मुद्रास्फीति 2.1% रही

खदुरा मुद्रास्फीति में लंबे समय बाद बड़ी गिरावट आई है। जून 2025 की मुख्य मुद्रास्फीति में मई की तुलना में 72 बेसिस पॉइंट्स की कमी दर्ज की गई है। आपको बता दें कि जनवरी 2019 के बाद साल-दर-साल सबसे कम मुद्रास्फीति दर्ज की गई है।

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छह साल के निचेल स्तर पर पहुंची खुदरा मुद्रास्फीति। (फोटो क्रेडिट- istock)

सब्जियों, दालों, मांस और दूध सहित खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई दर जून में घटकर छह साल से भी अधिक के निचले स्तर 2.1 प्रतिशत पर आ गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति (सीपीआई) मई में 2.82 प्रतिशत और जून, 2024 में 5.08 प्रतिशत के स्तर पर थी।

भाषा के अनुसार राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने बयान में कहा कि जून, 2024 की तुलना में जून, 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 2.1 प्रतिशत रही। इसमें कहा गया, ‘‘ मई, 2025 की तुलना में जून, 2025 में कुल मुद्रास्फीति में 0.72 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह जनवरी, 2019 के बाद सालाना आधार पर सबसे कम है। ’’

भाषा के अनुसार इससे पहले जनवरी, 2019 में यह 1.97 प्रतिशत दर्ज की गई थी। एनएसओ ने कहा कि जून, 2025 में कुल मुद्रास्फीति एवं खाद्य मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय गिरावट की मुख्य वजह अनुकूल आधार प्रभाव और सब्जियों, दालों, मांस व मछली, अनाज, चीनी व कनफेक्शनी, दूध एवं उसके उत्पादों तथा मसालों की कीमतों में गिरावट रही।

आपको बता दें कि खुदरा महंगाई के ये आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट को कम करने के एक महीने बाद आए हैं। याद दिला दें कि आरबीआई की तरफ से इस साल लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कटौती की है।

(इनपुट-भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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