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FEMA केस में ED के आगे हाजिर हुए अनिल अंबानीः कभी थे चमकता सितारा, पर यूं गर्दिश में चला गया यह तारा

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jul 3, 2023, 08:41 PM IST

Anil Ambani Latest News: आधिकारिक सूत्रों ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि ‘फेमा’ की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज नए मामले में 64 साल के अंबानी का बयान दर्ज कर लिया गया है।

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अनिल अंबानी RIL चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे भाई हैं। (फाइल)

Anil Ambani Latest News: रिलायंस एडीए ग्रुप के अध्यक्ष अनिल अंबानी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन से जुड़ी जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आगे हाजिर हुए। सोमवार (तीन जुलाई, 2023) को महाराष्ट्र के दक्षिणी मुंबई में संघीय एजेंसी के दफ्तर में इस दौरान उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया।

आधिकारिक सूत्रों ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि ‘फेमा’ की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज नए मामले में 64 साल के अंबानी का बयान दर्ज कर लिया गया है। वैसे, इससे पहले अनिल यस बैंक के प्रवर्तक राणा कपूर और बाकी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में साल 2020 में ईडी के सामने पेश हुए थे।

वहीं, अगस्त 2022 में आयकर विभाग ने स्विस बैंक के दो खातों में रखे गए 814 करोड़ रुपए से अधिक अघोषित धन पर 420 करोड़ रुपए की कर चोरी करने को लेकर काला धन रोधी कानून के तहत अंबानी को नोटिस जारी किया था। बंबई उच्च न्यायालय ने मार्च में, आयकर विभाग के इस कारण बताओ नोटिस पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश दिया था।

हालांकि, यह भी रोचक है कि मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल कभी बिजनेस इंडस्ट्री का चमकता सितारा माने जाते थे, पर समय का पहिया इस कदर घूमा कि पारिवारिक बंटवारे के बाद उनके तारे मानो गर्दिश में चले गए।

2002 में पिता धीरूभाई के गुजर जाने के बाद उन्होंने बड़े भाई के साथ पिता की विरासत को आगे संभाला। पेट्रोकेमिकल से जुड़े काम-धंधे की पूरी जिम्मेदारी तब छोटे पुत्र संभालने लगे और उनके मार्केट में कुछ समय तक उनका नाम चला, पर आगे दोनों ही भाइयों के बीच खटपट हो गई और महाभारत तक की नौबत आ गई थी।

सूत्र बताते हैं कि 2005 के आसपास दोनों में सब कुछ ठीक नहीं था। मां की पहल पर सुलह तो हुई, मगर आगे उनके सिर पर आफतों के बादल मंडराने लगे। दरअसल, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अनिल बिना अच्छे से समझे और समीक्षा किए ही कारोबारी विस्तार करने लगे थे, जो उनके लिए आगे दिक्कत बनी।

न सिर्फ टूजी स्पेक्ट्रम केस में उनकी मुश्किल बढ़ी बल्कि उनके भाई की कंपनी ने उनके बुरे दिन लाकर खड़े कर दिए। अनिल की जिस आर कॉम का टेलीकॉम सेक्टर में एक छत्र राज था, उसके भी खराब दिन आए। जियो के आने के बाद तो मानो कहानी और सिनैरियो ही बदल गया।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ता author

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