बिजनेस

RBI के डिविडेंड से जमा दरों पर कैश दबाव कम होने की संभावना, इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट

RBI Dividend: इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक से मिलने वाले 2.11 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंड को अगर सरकार खर्च करती है तो कैश दबाव कम होने और बैंकिंग प्रणाली की जमा दरों में कमी आने की संभावना है।

Image

भारतीय रिजर्व बैंक

Photo : BCCL

RBI Dividend: इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने गुरुवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक से मिलने वाले 2.11 लाख करोड़ रुपये के डिविडेंड को अगर सरकार खर्च करती है तो नकदी दबाव कम होने और बैंकिंग प्रणाली की जमा दरों में कमी आने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी ने बयान में कहा कि रिजर्व बैंक का बड़ा डिविडेंड केंद्र सरकार की राजकोषीय स्थिति को बेहतर करेगा, जिससे अतिरिक्त खर्च या राजकोषीय सशक्तीकरण या दोनों का ही मिला-जुला रूप देखने को मिल सकता है।

हालांकि, जमा वृद्धि के मामले में बैंकों के लिए संरचनात्मक चुनौतियां मध्यम से लंबी अवधि में जारी रहेंगी। आरबीआई के निदेशक मंडल ने 2023-24 में अर्जित लाभ में से सरकार को 2.11 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड हस्तांतरित करने का पिछले सप्ताह फैसला किया।

इंडिया रेटिंग्स ने कहा कि उम्मीद है कि आरबीआई की तरफ से सरकार को 2.1 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड हस्तांतरण तरलता की स्थिति में सुधार करेगा और बैंकिंग प्रणाली जमा पर बढ़ते दबाव को कम करेगा। इससे निकट भविष्य में बैंकों के लिए देनदारियों की लागत पर दबाव कम होगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अगर सरकार यह राशि खर्च करती है, तो इससे बैंकिंग प्रणाली जमा वृद्धि और प्रणाली में समग्र दरों पर जारी दबाव में कमी आएगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article