Online Payment Security: RBI का बड़ा कदम, बैंकिंग धोखाधड़ी पर लगेगा लगाम, मिलेगा ‘किल स्विच’ और कैंसिल पावर

Online Payment Security: भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए अधिकृत भुगतानों को खाते में देरी से क्रेडिट करने और डिजिटल लेनदेन को रद्द करने का विकल्प देने का प्रस्ताव रखा है।

Online Payment Security: भारत में बढ़ती डिजिटल ठगी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कई नए नियम प्रस्तावित किए हैं। इनका मकसद ऑनलाइन पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाना और लोगों के पैसे को धोखाधड़ी से बचाना है। आरबीआई ने इन सुझावों को एक चर्चा पत्र के रूप में जारी किया है और आम लोगों तथा विशेषज्ञों से 8 मई तक राय मांगी है। आजकल ऑनलाइन भुगतान का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के अनुसार साल 2025 में करीब 28 लाख धोखाधड़ी के मामले सामने आए। इन मामलों में करीब 22,931 करोड़ रुपये की ठगी हुई। यह आंकड़े 2024 और 2023 के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। इससे साफ है कि डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करना बहुत जरूरी हो गया है।

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आरबीआई का सख्त एक्शन: अब बड़े डिजिटल पेमेंट पर लगेगा कंट्रोल (तस्वीर-istock)

10,000 रुपये से ऊपर के लेनदेन में देरी से क्रेडिट

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक आरबीआई ने एक अहम प्रस्ताव दिया है कि 10,000 रुपये से अधिक के डिजिटल लेनदेन को तुरंत खाते में जमा (क्रेडिट) नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, इसे करीब 1 घंटे की देरी से क्रेडिट किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति 10,000 रुपये से ज्यादा का भुगतान करता है, तो पैसा पहले उसके खाते से कट जाएगा, लेकिन सामने वाले के खाते में थोड़ी देर बाद पहुंचेगा। इस बीच, भुगतान करने वाले व्यक्ति के पास लेनदेन को रद्द करने का विकल्प रहेगा। यह नियम खासतौर पर “पुश पेमेंट” पर लागू होगा, जिसमें ग्राहक खुद पैसे भेजता है।

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