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Drivers Strike:ट्रक चालकों की हड़ताल से 2000 पेट्रोल पंप सूखे, रोजाना 100000 ट्रकों से होती ईंधन और LPG की सप्लाई

Drivers Strike: पेट्रोलियम उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर दो-तीन दिनों तक का भंडार है और अगर हड़ताल घोषणा के मुताबिक, तीन दिन तक चलती है तो कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर हड़ताल का समय बढ़ाया गया या अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया तो परेशानी होगी।

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पेट्रोल पंप पर लंबी लाइन

Drivers Strike: ट्रक चालक ऐसोसिएशन की हड़ताल के मंगलवार को दूसरे दिन में प्रवेश करने के बीच उत्तर और पश्चिम भारत के करीब 2000 पेट्रोल पंपों में ईंधन का स्टॉक खत्म हो गया।पेट्रोलियम उद्योग से जुड़े लोगों ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने ट्रक चालकों की हड़ताल की आशंका के मद्देजनर देश भर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर टैंक भर दिए थे, लेकिन राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब में कुछ पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ के कारण ईंधन खत्म हो गया है।इन राज्यों में ईंधन का स्टॉक खत्म होने की आशंका पैदा हो गई है जिससे कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं।

पेट्रोल पंप पर 2-3 दिन का स्टॉक

पेट्रोलियम उद्योग से जुड़े लोगों ने कहा कि ज्यादातर पेट्रोल पंपों पर दो-तीन दिनों तक का भंडार है और अगर हड़ताल घोषणा के मुताबिक, तीन दिन तक चलती है तो कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर हड़ताल का समय बढ़ाया गया या अखिल भारतीय विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया तो परेशानी होगी।लगभग एक लाख ट्रक तेल कंपनी डिपो से पेट्रोल पंप और गैस वितरण एजेंसियों तक पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ एलपीजी की आपूर्ति करते हैं।

जम्मू-कश्मीर में 90 फीसदी पेट्रोल पंप खाली

जम्मू-कश्मीर में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें रहीं। जम्मू-कश्मीर पेट्रोल पंप मालिकों के संघ ने कहा कि जम्मू में 90 फीसदी पेट्रोल पंप खाली हो गए हैं और अगले कुछ घंटों में सारा भंडार खत्म हो जाएगा क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश और लद्दाख में ईंधन ले जाने वाले 1,500 टैंकर हड़ताल पर हैं।कश्मीर के मंडलीय आयुक्त वी के बिधूड़ी ने कहा, ''देशव्यापी हड़ताल का असर यहां भी है। लेकिन हमारे पास घाटी के डिपो में डीजल का 21 दिन का और पेट्रोल का 24 दिन का भंडार उपलब्ध है। एलपीजी का 20 दिनों का भंडार उपलब्ध है।

दक्षिण भारत में स्थिति बेहतर

हालांकि उत्तर भारत की तुलना में दक्षिण भारत में स्थिति बेहतर है और हैदराबाद में कुछ पंपों को छोड़कर आपूर्ति में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है।अगर तीन दिवसीय हड़ताल की अवधि बढ़ायी जाती है या अखिल भारतीय आंदोलन शुरू होता है तो सब्जियों, फलों और दूध जैसे आवश्यक उत्पादों की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।‘हिट-एंड-रन’ (दुर्घटना के बाद मौके से भाग जाना) मामलों के लिए नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जेल और जुर्माने की सज़ा के कड़े प्रावधान है जिसके खिलाफ कुछ ट्रक, बस और टैंकर संचालकों ने सोमवार को तीन दिवसीय हड़ताल शुरू की।

LPG की किल्लत नहीं

हालांकि, एलपीजी की कमी को लेकर अभी तक कोई शिकायत नहीं है क्योंकि ज्यादातर लोगों के पास दो कनेक्शन होते हैं और वे सिलेंडर अतिरिक्त भी रखते हैं।महाराष्ट्र में, राज्य सरकार ने पुलिस से पेट्रोल और डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया, जबकि मध्य प्रदेश में लोगों को यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।सोमवार से, प्रदर्शनकारियों ने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सड़कों और राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया है।

भारतीय दंड संहिता की जगह लेने वाले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में प्रावधान है कि लापरवाही से गाड़ी चलाकर गंभीर सड़क दुर्घटना का कारण बनने वाले और पुलिस या प्रशासन के किसी भी अधिकारी को सूचित किए बिना भागने वाले वाहन चालकों को 10 साल तक की सजा या सात लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।

TNN Business Desk
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