Knight Frank Report:देश के आठ प्रमुख शहरों में लग्जरी मकानों और प्रीमियम ऑफिस की मजबूत मांग के दम पर जनवरी-मार्च में आवासीय बिक्री में सालाना आधार पर नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कार्यालयों की मांग 43 प्रतिशत बढ़ी है। इस दौरान घरों की कीमतों में सालाना आधार पर दो से 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जबकि ऑफिस का किराया एक से नौ प्रतिशत बढ़ा है। आठ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 86,345 इकाई हो गई, जो एक साल पहले 79,126 इकाई थी।
क्यों बढ़ी डिमांड
संपत्ति सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट भारत रियल एस्टेट: ऑफिस तथा आवासीय रिपोर्ट (जनवरी-मार्च 2024) के अनुसार दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद में जनवरी-मार्च में आवासीय कीमतें सालाना आधार पर दो से 13 प्रतिशत के दायरे में बढ़ीं। जबकि ऑफिस का किराया एक से नौ प्रतिशत बढ़ा है।आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-मार्च में आठ प्रमुख शहरों में आवासीय बिक्री बढ़कर 86,345 इकाई हो गई, जो एक साल पहले 79,126 इकाई थी।
डिमांड में तेजी पर नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने रिपोर्ट पर कहा कि रियल एस्टेट बाजार ने एक और असाधारण अवधि का अनुभव किया जिसमें कार्यालय तथा आवासीय दोनों क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन शामिल है। उन्होंने कहा कि आवासीय खंड में खास तौर पर महत्वपूर्ण उछाल देखा गया। ऐसा एक करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत की श्रेणी में बिक्री में निरंतर वृद्धि से हुआ।
ऑफिस स्पेस की कैसी डिमांड
इस वर्ष जनवरी-मार्च में ऑफिस स्पेस की टोटल लीजिंग 43 प्रतिशत बढ़कर 1.62 करोड़ वर्ग फुट हो गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1.13 करोड़ वर्ग फुट थी। जिस तरह ऑफिस स्पेस और घरों की डिमांड बढ़ी है, उससे साफ है कि रियल एस्टेट सेक्टर, कोरोना के बाद ट्रैक पर आ गया है। इसके अलावा जिस तरह प्रीमियम सेगमेंट के घरों की मांग बढ़ी है, उससे साफ है कि भारत नवधनाढ्य वर्ग तेजी से उभर रहा है।
