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JP Infratech Share Delisting: जेपी इंफ्राटेक के शेयर होंगे डीलिस्ट, जानें रिकॉर्ड डेट और दूसरी डिटेल्स

JP Infratech Limited Share Delisting: सुरक्षा ग्रुप ने पिछले महीने अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी से मंजूरी के बाद जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसके पहले देवांग प्रवीण पटेल को अपना मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) नियुक्त किया है ।

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जे.पी.इंफ्राटेक शेयर डीलिस्टिंग

Photo : iStock

JP Infratech Limited Share Delisting:जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के स्टॉक शेयर बाजार से हटाए जाएंगे। असल में सुरक्षा ग्रुप ने पिछले महीने अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी से मंजूरी के बाद जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसके पहले देवांग प्रवीण पटेल को अपना मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) नियुक्त किया है ।सुरक्षा ग्रुप ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड को दिवाला प्रक्रिया के जरिए अधिग्रहित किया है।शेयर बाजार को दी जानकारी के अनुसार, पटेल ने आठ जून 2024 से पदभार संभाल लिया।

21 जून है रिकॉर्ड डेट

निदेशक मंडल ने उन शेयरधारकों के नाम निर्धारित करने के लिए रिकॉर्ड तिथि के रूप में 21 जून 2024 तय की है, जिन्हें कंपनी के जारी इक्विटी शेयरों का हटाने और बाद में समाप्ति के उद्देश्य से निकास मूल्य का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, अनुमोदित समाधान योजना के अनुसार सुरक्षा ग्रुप (सफल समाधान आवेदक) को जारी किए गए शेयर निष्क्रिय नहीं होंगे। सुरक्षा ग्रुप ने जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड में 125 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी भी डाली है।

मार्च में लगी थी दिवालिया प्रक्रिया पर मुहर

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) ने 24 मई को जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड (जेआईएल) का अधिग्रहण करने के लिए सुरक्षा रियल्टी की तरफ से लगाई बोली को बरकरार रखा था। इसके साथ ही इसे किसानों को मुआवजे के रूप में यमुना यीडा को 1,334 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश भी दिया था।इसके पहले मार्च 2023 में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने दिवाला प्रक्रिया पर मुहर लगाई थी। एनसीएलटी ने जेआईएल को खरीदने के लिए सुरक्षा समूह की तरफ से लगाई बोली को मंजूरी दे दी थी। यीडा सहित कई पक्षों ने एनसीएलटी के आदेश को चुनौती देते हुए एनसीएलएटी में याचिका दायर की थी। यीडा ने किसानों के मुआवजे के रूप में लगभग 1,700 करोड़ रुपये का दावा किया था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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