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महंगाई के दौर में आई अच्छी खबर! 19 महीने में पहली बार मुद्रास्फीति शून्य से नीचे पहुंची

थोक महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार, जून में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 3.75 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि मई में इनमें 1.56 प्रतिशत की गिरावट आई थी। सब्जियों की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।

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जून के महीने में सब्जियों की कीमत में 20 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। (फोटो क्रेडिट- istock)

खाद्य वस्तुओं एवं ईंधन की कीमतों में गिरावट के साथ विनिर्मित उत्पादों की लागत में कमी आने से थोक मुद्रास्फीति 19 माह बाद शून्य से नीचे आ गई है। जून में यह -0.13 प्रतिशत रही है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।

भाषा के अनुसार थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति मई में 0.39 प्रतिशत और जून, 2024 में 3.43 प्रतिशत के स्तर पर रही थी। उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ जून, 2025 में मुद्रास्फीति में कमी की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों, खनिज तेलों, मूल धातुओं के विनिर्माण, कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस आदि की कीमतों में नरमी रही।’’

मुद्रास्फीति में आई गिरावट

भाषा से मिली जानकारी के मुताबिक थोक महंगाई दर के आंकड़ों के अनुसार, जून में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 3.75 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि मई में इनमें 1.56 प्रतिशत की गिरावट आई थी। सब्जियों की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। जून में सब्जियों के दाम 22.65 प्रतिशत घट गए। मई में सब्जियों की महंगाई दर 21.62 प्रतिशत घटी थी।

विनिर्मित उत्पादों के मामले में मुद्रास्फीति 1.97 प्रतिशत रही, जबकि मई में यह 2.04 प्रतिशत थी। ईंधन और बिजली में जून में यह 2.65 प्रतिशत रही, जो मई में 2.27 प्रतिशत रही थी। उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा कि लगातार सात महीनों से थोक मुद्रास्फीति में नरमी भारत में उच्च आर्थिक वृद्धि के लिए सकारात्मक संकेत है।

मध्यम रहेगी मुद्रास्फीति

जैन ने कहा, ‘‘ भविष्य में घरेलू मांग में वृद्धि, सामान्य मानसून की उम्मीद और देश में मजबूत समग्र आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए हमारा अनुमान है कि मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद आने वाले महीनों में थोक मुद्रास्फीति मध्यम बनी रहेगी।’’

भाषा के मुताबिक रेटिंग एजेंसी इक्रा के वरिष्ठ अर्थशास्त्री राहुल अग्रवाल ने कहा कि जुलाई, 2025 में खाद्य कीमतों में मौसमी क्रमिक वृद्धि अबतक अपेक्षाकृत मामूली रही है जिससे खाद्य कीमतों में नरमी बने रहने का अनुमान है जबतक कि महीने के शेष दिनों में सब्जियों आदि की कीमतों में असामान्य वृद्धि न हो। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मौद्रिक नीति तैयार करते समय मुख्यतः खुदरा मुद्रास्फीति पर गौर करता है। खुदरा मुद्रास्फीति के जून के आंकड़े आज दिन में जारी किए जाएंगे। आरबीआई ने मुद्रास्फीति में नरमी के बीच पिछले महीने प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 0.50 प्रतिशत की भारी कटौती करके उसे 5.50 प्रतिशत कर दिया था।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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