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भारत अमेरिकी अदालत के ट्रंप टैरिफ फैसले के प्रभाव का कर रहा मूल्यांकन, जानें क्या पड़ सकता है असर

अमेरिकी अदालत द्वारा ट्रंप के आयात शुल्क आदेश को अवैध ठहराने के फैसले के बाद भारत सरकार उसके प्रभावों की समीक्षा कर रही है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। भारत अमेरिकी टैरिफ से छूट की मांग कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से भारत को व्यापार वार्ता में बेहतर स्थिति मिल सकती है और मुक्त व्यापार समझौते पर नई रणनीति बनाई जा सकती है।

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ट्रंप के शुल्क आदेश पर अमेरिकी अदालत के फैसले की समीक्षा कर रहा भारत: सूत्र

भारत सरकार अमेरिका की अदालत द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के आयात शुल्क बढ़ाने के आदेश को खारिज करने वाले फैसले के प्रभाव का विश्लेषण कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला अंतरराष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अमेरिकी अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत आयात पर सीमा शुल्क लागू करने का अधिकार नहीं दिया गया है। जबकि ट्रंप प्रशासन ने अपने टैरिफ आदेश को इसी अधिनियम के तहत उचित ठहराया था।

भारत पर लगाए गए टैरिफ और मौजूदा स्थिति

अमेरिका ने 2 अप्रैल को भारत से आयातित उत्पादों पर 26% अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी, जिसे बाद में 9 जुलाई तक के लिए स्थगित किया गया। हालांकि, 10% का मूल सीमा शुल्क अब भी लागू है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, "हम इस फैसले के संभावित प्रभावों की समीक्षा कर रहे हैं।"

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है। भारत इस समझौते के तहत घरेलू उत्पादों पर लगाए गए 26% जवाबी शुल्क से छूट की मांग कर रहा है।

निर्यातकों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

भारतीय निर्यातकों ने इस फैसले को सकारात्मक संकेत बताया है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, "चूंकि ट्रंप के टैरिफ का कानूनी आधार कमजोर हो गया है, भारत को अमेरिकी हितों पर असर डालने वाले किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से पहले अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए।"

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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