Canara Bank FD Calculation: Canara Bank अपने ग्राहकों को Fixed Deposit (FD) पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। अगर आप भी सुरक्षित निवेश का विकल्प खोज रहे हैं तो बैंक की एफडी स्कीम में पैसा लगा सकते हैं। ज्यादा लंबे समय तक निवेश नहीं करना चाहते हैं तो बैंक की एक साल की एफडी स्कीम में निवेश कर अच्छा ब्याज कमा सकते हैं।
FD (Photo: iStock)
FD पर ब्याज दर कितनी है
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बैंक की मौजूदा ब्याज दरों के अनुसार, सामान्य नागरिकों को 1 साल की FD पर 6.25 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, सीनियर सिटिजन के लिए यही ब्याज दर 6.75 प्रतिशत रखी गई है। यानी वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज का फायदा मिलता है, जिससे उनका मैच्योरिटी अमाउंट और ज्यादा हो जाता है।
1 साल में कितना रिटर्न मिलेगा
अगर कोई सामान्य नागरिक Canara Bank में 1 साल के लिए 6 लाख रुपये की FD करवाता है तो उसे मैच्योरिटी पर कुल 6,38,388 रुपये मिलेंगे। यानी निवेशक को लगभग 38,388 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त होंगे। वहीं अगर यही निवेश कोई सीनियर सिटिजन करता है, तो उसे मैच्योरिटी पर 6,41,537 रुपये मिलेंगे। इस स्थिति में वरिष्ठ नागरिक को करीब 41,537 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त होंगे।
| निवेशक श्रेणी | निवेश राशि | अवधि | ब्याज दर | ब्याज राशि | मैच्योरिटी अमाउंट |
|---|---|---|---|---|---|
| सामान्य नागरिक | 6,00,000 रुपये | 1 साल | 6.25% | 38,388 रुपये | 6,38,388 रुपये |
| सीनियर सिटिजन | 6,00,000 रुपये | 1 साल | 6.75% | 41,537 रुपये | 6,41,537 रुपये |
एफडी में क्यों करें निवेश
आज के समय में FD को खासकर कन्सर्वेटिव इंवेस्टर के बीच काफी पसंद किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें रिटर्न पहले से तय होता है और मार्केट वोलेटिलिटी का असर नहीं पड़ता। म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार की तुलना में एफडी सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शॉर्ट टर्म फाइनेंशियल लक्ष्यों के लिए FD अच्छा विकल्प हो सकती है। उदाहरण के तौर पर इमरजेंसी फंड, बच्चों की फीस या अगले 1-2 साल में होने वाले बड़े खर्च के लिए लोग FD का इस्तेमाल करते हैं। सीनियर सिटिजन भी रेगुलर इनकम और कैपिटल सेफ्टी की वजह से FD को प्राथमिकता देते हैं।
हालांकि निवेश करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। FD पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। अगर एक वित्त वर्ष में ब्याज तय सीमा से ज्यादा हो जाता है तो बैंक TDS काट सकता है। इसलिए निवेशकों को टैक्स प्लानिंग के हिसाब से FD चुनने की सलाह दी जाती है।
