निर्मला सीतारमण ने आज आम बजट पेश किया है। लोगों को उम्मीद थी कि इस बार वित्त मंत्री अपने पिटारे से लोगों को राहत देते हुए इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत देंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वित्त मंत्री ने आयकर में कोई बदलाव नहीं किया। महामारी और महंगाई से जूझ रही जनता को इससे झटका लगा, लोग मायूस हुए।
लगता है वित्त मंत्री ने बजट में नौकरीपेशा की बहुत सारी उम्मीदों को भूला दिया। महामारी और महंगाई के बीच लोगों के हाथ लगा शून्य बटा सन्नाटा। इनकम टैक्स की जो व्यवस्था अभी बनी हुई, आगे भी आपको उसी हिसाब से टैक्स देना होगा। इसका मतलब ये हुआ कि 2020 में केंद्र सरकार ने जो नई टैक्स व्यवस्था पेश की थी वही लागू रहेगी। जाहिर है इस घोषणा से मिडिल क्लास तो बिल्कुल खुश नहीं है।
आम आदमी के हाथ निराशा ही लगी, सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी पीड़ा जाहिर करनी शुरू कर दी है और मीम्स की बाढ़ आ गई। हर किसी के मन में एक ही सवाल था कि आखिर इनकम टैक्स में कोई राहत क्यों नहीं मिली। 3 साल बाद भी बदलाव क्यों नहीं हुआ। हालांकि एक राहत ये जरूर है कि दो साल में टैक्स पेयर अपडेट रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। ये सुविधा किसी गलती को ठीक करने का अवसर देती है।

