BSNLऔर भारत नेट से सरकार कमाएगी 35 हजार करोड़, टॉवर और ब्रॉडबैंड पर नजर

बिजनेस
प्रशांत श्रीवास्तव
Updated Sep 02, 2021 | 19:00 IST

सरकार भारत नेट फाइबर प्रोजेक्ट के तहत 26300 करोड़ रुपये और BSNL, MTNL के टॉवर के जरिए 8800 करोड़ रुपये कमाई की तैयारी में हैं।

Finance Minister Nirmala Sitaraman
सरकार एनएमपी के तहत 6 लाख करोड़ जुटाएगी  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • 16 राज्यों में भारत नेट फाइबर के 2,86,255 किलोमीटर लंबे नेटवर्क को पीपीपी मॉडल पर प्राइवेट सेक्टर को दिया जाएगा।
  • BSNL और MTNL के 68 हजार टॉवरों में से 14917 टॉवर को मोनेटाइज किया जाएगा।
  • नीति आयोग ने टेलिकॉम सेक्टर से 35,100 करोड़ रुपये की कमाई का प्लान तैयार किया है।


नई दिल्ली:  नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन को अमल में लाने के लिए सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। इस बीच विपक्ष भी सरकार के प्लान पर सवाल उठा रहा है। उसका कहना है कि सरकार देश की संपत्ति को बेचने में लगी हुई है। हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि वह सरकारी संपत्तियों का स्वामित्व अपने पास ही रखेगी। और वह संपत्तियों को मोनेटाइज कर अगले 4 साल में 6 लाख करोड़ रुपये कमाएगी। इसी कड़ी में नीति आयोग ने टेलिकॉम सेक्टर से 35 हजार करोड़ रुपये कमाने का प्लान तैयार किया है। इसके तहत सरकार 2.86 लाख किलोमीटर लंबे भारत नेट फाइबर नेटवर्क को पीपीपी मॉडल के जरिए मोनेटाइज करेगी। जबकि सरकारी कंपनी बीएसएनएल और एमटीएनएल के 68000 टॉवर में से 21 फीसटी टॉवर को मोनेटाइज करेगी।

कैसे होगी कमाई

नीति आयोग के प्लान के अनुसार बीएसएनएल और बीबीएनएल के 16 राज्यों में भारत नेट फाइबर का 2,86,255 किलोमीटर लंबे नेटवर्क को मोनेटाइज किया जाएगा। जिसे पीपीपी मॉडल पर प्राइवेट सेक्टर को दिया जाएगा। जिसके जरिए 26300 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान है। जिसके तहत उत्तर प्रदेश, केरल, कर्नाटक, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय के नेटवर्क को मोनेटाइज किया जाएगा।

भारत नेट फाइबर प्रोजेक्ट के तहत सरकार देश के 2.5 लाख ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचा रही है। इसके लिए भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड कंपनी भी बनाई गई है। इसके तहत पूरे देश में 5.25 लाख किलोमीटर ओएफसी बिछाई जा चुकी है। जिसके जरिए अब तक 1.73 लाख ग्राम पंचायतों को कवर किया गया है। इसके अलावा वाई-फाई सुविधा का भी विस्तार किया जा रहा है। अभी तक 65 हजार ग्राम पंचायतों में वाई-फाई सुविधा शुरू कर दी गई है।

इसी तरह बीएएसएनएल और एमटीएनएल के 68 हजार टॉवरों में से 14917 टॉवर को मोनेटाइज किया जाएगा। प्लान के अनुसार बीएसएनएल के 70 फीसदी टॉवर ऐसे हैं फाइबराइज्ड हैं। साथ ही उन्हें 4जी और 5जी के लिए आसानी से परिवर्तित किया जा सकता है। इसे देखते हुए टॉवर से अच्छी कमाई हो सकती है। इसके तहत बीएसएनएएल के 13567 टॉवर और एमटीएनएल के 1350 टॉवर को मोनेटाइज किया जाएगा।

संपत्ति 2022-23 2023-24  कुल कमाई (करोड़ रुपये में)
भारत नेट फाइबर 15780 10,520 26300

टॉवर

4,400 4,400 8,800
कुल 20,180 14,920 35,100

बीएसएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जहां तक टॉवर बिजनेस की बात है तो इसके लिए एक अलग से कंपनी बनाकर उसे मोनेटाइज करने का प्लान पहले से ही था। इसी कड़ी में बीएसएनएल टॉवर कॉरपोरेशन का गठन भी किया गया है। नए प्रस्ताव से मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। जहां तक भारत नेट प्रोजेक्ट की बात है तो वह टारगेट से पीछे चल रहा है। पीपीपी मॉडल से निवेश आएगा और काम तेजी से पूरा हो पाएगा। 

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