पाकिस्तान में बदतर हुए हालात, बाढ़ के बाद महंगाई तोड़ रही है लोगों की कमर!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 2, 2022, 10:21 AM IST

Inflation in Pakistan: पाकिस्तान में पेट्रोल, हाई स्पीड डीजल, हल्के डीजल तेल और केरोसीन की कीमत और बढ़ गई है। नई कीमतें 1 सितंबर 2022 से लागू हुई।

पाकिस्तान में बदतर हुए हालात, बाढ़ के बाद महंगाई तोड़ रही है लोगों की कमर!

नई दिल्ली। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान (Pakistan) के ज्यादातर हिस्सों में मॉनसून की भीषण बारिश की वजह से अचानक आई बाढ़ से कई लोगों की जान गई है। अधिकारी प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री मुहैया कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच वहां महंगाई (Inflation in Pakistan) थमने का नाम नहीं ले करी है। अब शहबाज शरीफ सरकार ने एक सख्त फैसला लिया है। ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमत में गिरावट आई है, लेकिन में पेट्रोलियम प्रोडक्ट की कीमत में बढ़ोतरी हुई।

क्यों और कितनी बढ़ी कीमत?
इससे महंगाई से परेशान लोगों को एक और झटका लगा है। पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स करीब 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए है। यह फैसला विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से हाल ही में शुरू किए गए बेलआउट लोन प्रोग्राम के साथ प्रतिबद्धता के अनुरूप लिया गया।

कितना हुआ पेट्रोल-डीजल का दाम? (Petrol Diesel Price)
इस संदर्भ में वित्त मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी की, जिसके मुताबिक, पेट्रोल की कीमत (Petrol Price) में 2.07 रुपये, हाई स्पीड डीजल (Diesel Price) की कीमत में 2.99 रुपये, केरोसीन की कीमत (Kerosene Price) में 10.92 रुपये और हल्के डीजल तेल (LDO) की कीमत में 9.79 रुपये का इजाफा हुआ है।

कब तक लागू होंगी नई कीमतें?
ये नई दरें 1 सितंबर से 15 सितंबर 2022 तक लागू रहेंगी। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि, 'ग्राहकों को राहत देने के लिए पेट्रोलियम लेवी को कम से कम रखा गया है।' मालूम हो कि पाकिस्तान सरकार ने मई 2022 के आखिरी हफ्ते से ईंधन की कीमत बढ़ाना शुरू कर दी थी क्योंकि उसे आईएमएफ से बेलआउट पैकेज फिर से शुरू कराने के लिए काम करना था।

टमाटर, आलू और अन्य सब्जियां भी महंगी
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में सिर्फ पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स ही नहीं, बल्कि सब्जियों की कीमत भी काफी ज्यादा है। हाल ही में सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई थी। इसमें कम से कम 200 फीसदी का इजाफा हुआ था। बाढ़ के बाद देशभर में टमाटर, आलू और बाकी सब्जियों की कीमतों में वृद्धि की गई क्योंकि तैयार फसलों के साथ 2 करोड़ एकड़ से अधिक खेतों में लगी फसल नष्ट हो गई है।

End of Article