भारतीय रेलवे साढ़े 3 साल में इस मामले में बन जाएगा दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 16, 2020, 05:38 PM IST

भारतीय रेलवे लगातार नया रिकॉर्ड बना रहा है। वह कुछ वर्षों में 100% बिजली से चलने वाला रेल नेटवर्क बनकर एक और कीर्तिमान हासिल कर लेगा।

भारतीय रेलवे साढ़े 3 साल में इस मामले में बन जाएगा दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे लगातार एक से बढ़कर एक कीर्तिमान बना रहा है। समय पर यात्री ट्रेनों को पहुंचना, 2.8 किलोमीटर लंबी शेषनाग ट्रेन चलाना फिर बिजली बचत के लिए स्टेशनों पर नई टैकनोलॉजी का इस्तेमाल करना और अब यह दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन रेलवे बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने CII के एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय रेलवे अगले साढ़े तीन साल में 100% बिजली से चलने वाला रेल नेटवर्क बन जाएगा और इसके साथ ही यह दुनिया का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क बन जाएगा।

2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन रेलवे बनेगा

रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे अपने पूरे नेटवर्क के विद्युतीकरण की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अभी 55% रेल नेटवर्क बिजली चलता है और साढ़े तीन साल में 100% बिजली से चलने वाला रेल नेटवर्क हो जाएगा। गौर हो कि इससे पहले इंडिया ग्लोबल वीक 2020 को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे के 100% विद्युतीकरण की योजना को मंजूरी दे दी है। साथ ही रेल मंत्री ने यह भी कहा कि 100% इलेक्ट्रिफाइड रेल नेटवर्क बनाने के क्रम में 120,000 किलोमीटर का ट्रैक होगा। रेल मंत्री ने कहा, 2030 तक हम उम्मीद करते हैं कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन रेलवे होगा। 

एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड

रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड की अवधारणा को विश्व के सामने रख कर अंतरराष्ट्रीय सोलर अलाइंस की वकालत की है, जिस पर हम आगे बढ़ रहे है। उन्होंने कहा आगे हमारी सरकार पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को भी अक्षय उर्जा की परिधि में ला रही है।

पंजाब और हरियाणा में 130 किलोमीटर लंबी लाइन के विद्युतीकरण

उधर उत्तर रेलवे ने पंजाब और हरियाणा में 130 किलोमीटर लंबी लाइन के विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया है, इसके साथ ही इस खंड पर डीजल इंजन का उपयोग पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उत्तर रेलवे द्वारा जारी बयान के अनुसार, विद्युतीकरण का काम धुरी (पंजाब) जाखल (हरियाणा) लाइन पर 62 किलोमीटर और अंबाला डिविजन के धुरी-लेहरा मुहब्बत सिंगल लाइन पर 68 किलोमीटर पर हुआ है। इन पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से स्पीड का ट्रायल भी पूरा हो गया है।

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