Mobile Sim Online:अब घर बैठे लीजिए मोबाइल सिम, दूरसंचार विभाग ने जारी किया आदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 21, 2021, 10:44 PM IST

नये नियमों के अनुसार ग्राहकों को घर बैठे नये मोबाइल कनेक्शन यानी सिम प्राप्त करने के लिये भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के आधार से जुड़े ई-केवाईसी (KYC) सत्यापन के लिये एक रुपया देना होगा।

Mobile Sim Online:अब घर बैठे लीजिए मोबाइल सिम, दूरसंचार विभाग ने जारी किया आदेश

नयी दिल्ली: ग्राहकों को अब नये मोबाइल कनेक्शन के लिये दुकान के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। वे 'ऑनलाइन' आवेदन दे सकते हैं और आधार या डिजि लॉकर में रखे किसी भी मान्य दस्तावेज के जरिये स्वयं का सत्यापन कर अपने घर पर ही सिम प्राप्त कर सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किया।दूरसंचार विभाग का यह कदम दूरसंचार क्षेत्र में सुधारों का हिस्सा है। इसे मंत्रिमंडल ने 15 सितंबर को मंजूरी दी थी।

सरकार नये मोबाइल कनेक्शन जारी करने के लिए आधार से जुड़ी ई-केवाईसी प्रक्रिया को फिर से शुरू करने को लेकर जुलाई 2019 में ही भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 में संशोधन कर चुकी है। दूरसंचार विभाग ने कहा, 'दूरसंचार सेवा प्रदाता आधार से जुड़े ई-केवाईसी का उपयोग करके नये मोबाइल कनेक्शन जारी करने के लिए प्रक्रिया का अनुपालन करेंगे।'

‘वन-टाइम पासवर्ड’ OTP आधारित प्रक्रिया की अनुमति

सरकार ने आदेश जारी कर प्रीपेड को पोस्टपेड और पोस्टपेड को प्रीपेड में बदलने को ‘वन-टाइम पासवर्ड’ (OTP) आधारित प्रक्रिया की अनुमति दी है।आदेश के अनुसार, 'ग्राहकों को एक ऐप/पोर्टल-आधारित ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से मोबाइल कनेक्शन जारी किया जाएगा। इसके तहत ग्राहक घर/कार्यालय में बैठे मोबाइल कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकता है और यूआईडीएआई (आधार) या डिजि लॉकर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से सत्यापित दस्तावेजों का उपयोग करके अपने घर पर सिम प्राप्त कर सकता है।'

ग्राहक को  KYC प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है

वर्तमान में, नया मोबाइल कनेक्शन प्राप्त करने या मोबाइल कनेक्शन को प्रीपेड से पोस्टपेड या पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलने के लिए ग्राहक को केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसमें पहचान और पते के प्रमाण के मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित दूरसंचार सेवा प्रदाता से संबद्ध कंपनी की दुकान में जाना पड़ता है। आदेश में कहा गया है कि आधार के उपयोग और यूआईडीएआई से इलेक्ट्रॉनिक रूप से अन्य ब्योरे को लेकर ग्राहक की सहमति जरूरी है।

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