Vegetable price rise : किसानों के आंदोलन से आपूर्ति प्रभावित, दिल्ली-एनसीआर में बढ़े सब्जियों के दाम

किसान आंदोलनों से दिल्ली-एनसीआर में कृषि उपज की ताजा आपूर्ति प्रभावित हुई है। जिससे सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी हुई है।

Farmers' agitation affected supply, prices of vegetables increased in Delhi-NCR
सब्जियों की कीमतों में इजाफा  |  तस्वीर साभार: PTI

मुख्य बातें

  • किसानों का आंदोलन कई दिनों से जारी है
  • रेलवे और सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है
  • इससे दिल्ली-एनसीआर में सब्जियों और फलों की सप्लाई प्रभावित हुई है

नई दिल्ली: किसान आंदोलनों ने दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों के जीवन को आर्थिक तौर पर प्रभावित हुआ है। दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में खुदरा सब्जी की कीमतों में तेजी आई है। चल रहे किसानों के आंदोलन के कारण कृषि उपज की ताजा आपूर्ति प्रभावित हुई है। जिसने रेलवे और सड़क परिवहन को बुरी तरह प्रभावित किया है। 

दिल्ली में विक्रेताओं ने बताया कि आपूर्ति कम होने के कारण, मौसमी सब्जियों के थोक मूल्य में 50 रुपए से 100 रुपए की वृद्धि हुई है, सिंघू और टिकरी सीमा पर आंदोलन के कारण सड़के बाधित होने से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर से सब्जियों और फलों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करने वाले किसानों के प्रतिनिधियों ने कहा कि जब तक उन्हें कृषि सुधार कानूनों को रद्द करने पर सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। साथ ही, उन्होंने तीन कानूनों का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञों के एक पैनल का गठन करने के लिए एक सरकारी योजना को खारिज कर दिया और कहा कि यह तीन विधान पारित होने से पहले पैनल का गठन किया जाना चाहिए था।   

सब्जी आपूर्तिकर्ताओं ने उल्लेख किया कि सीमा पर अवरोधक होने के कारण  ट्रकों के लिए दिल्ली में प्रवेश करना मुश्किल हो गया है और इसे मैनेज करने में कई घंटों तक देरी हो रही है। उन्होंने चिंता जताई कि अगर सीमाएं जल्द ही नहीं खोली गई तो यह और असर डालेगा। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यापारियों ने हाल ही के दिनों में कृषि उपज की घटती आपूर्ति के मद्देनजर सब्जियों और अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की है।

सर्दियों के मौसम में, औसतन अमृतसर-होशियारपुर इलाके से मटर के 45 ट्रक एक ही दिन में आते है, लेकिन यह कम होकर 15 ट्रकों हो गया है। इसके अलावा, कीमतें आपूर्ति बाधित होने से और परिवहन दरों में वृद्धि के कारण चढ़ी हुई है, जो कि करीब 10,000 रुपए प्रति ट्रक तक बढ़ गई है।

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