Farmers Protest: आज होने वाली बैठक से पहले किसानों ने कृषि मंत्री के सामने रखीं अपनी शर्तें, दिए सुझाव
किसानों के 35 नेताओं के साथ मंगलवार को विज्ञान भवन में हुई बैठक में कोई आखिरी नतीजा तो नहीं निकला। लेकिन आगे की बातचीत का रास्ता तैयार हुआ। इस विषय पर 3 दिसंबर को चौथी दौर की वार्ता होगी। यह बात अलग है किसानों के तेवर बरकरार हैं। किसानों ने साफ किया है कि जब तक कृषि कानून को पूरी तरह से नहीं हटाया जाएगा आंदोलन की धार कमजोर नहीं पड़ने दी जाएगी।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार से मांग की है कि नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए और अगर मांगें नहीं मानी गयीं तो राष्ट्रीय राजधानी की और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा। किसानों और सरकार के बीच कल यानी 3 दिसंबर को फिर से बातचीत होनी है। इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा ने गृह और रक्षा मंत्रालय के बिना वार्ता की मांग की है।
बैठक से पहले किसानों ने रखीं शर्तें
सरकार के साथ कल होने वाली बैठक से पहले संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि मंत्री को एक ड्राफ्ट भेजा है और कल की महत्वपूर्ण बैठक से पहले कुछ नियम और शर्तें सामने रखी हैं। मोर्चा ने कल की बैठक में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को शामिल नहीं करने का सुझाव दिया है। इसके अलावा सरकार से अलग-अलग समय पर विभिन्न संगठनों के साथ बैठक करने से परहेज करने को कहा है। कृषि मंत्री ने 1 दिसंबर को 35 किसान नेताओं से मिलने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों को विशेषज्ञ पैनल का प्रस्ताव स्वीकार्य नहीं है। पुन: दोहराते हुए कहा है कि तीनों कृषि कानूनों को तत्काल निरस्त किया जाए।
किसानों के साथ कल अहम बातचीत
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'बैठक में जो भी विषय आएगा उसपर चर्चा होगी, कौन सी चीज कहां निराकरित की जा सकती है उसका कानूनी पक्ष देखा जाएगा, उसके बाद किसी निर्णय की दिशा तय होगी। कल 3 दिसंबर को किसान यूनियन के लोग आने वाले हैं, वो अपना पक्ष रखेंगे, सरकार अपना पक्ष रखेगी। देखते हैं कहां तक समाधान हो सकता है। भारतीय किसान यूनियन को जो ड्राफ्ट देना था वो रात तक आएगा। हम इंतजार में हैं। जब उनका ड्राफ्ट आएगा तो हम कल उस पर चर्चा करेंगे। मैं किसानों से अपील करता हूं कि कानून उनके हित में हैं और सुधार लंबे इंतजार के बाद किए गए हैं, लेकिन अगर उन्हें इस पर कोई आपत्ति है तो हम उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार हैं।'
विरोध में पुतले जलाएंगे किसान
क्रांति पाल ने कहा, 'हम 5 दिसंबर को मोदी सरकार और कॉरपोरेट घरानों के विरोध में पूरे देश में पुतले जलाने का आह्वान करते हैं।' वहीं लोक संघर्ष मोर्चा की प्रतिभा शिंदे ने कहा कि हम केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कल महाराष्ट्र के हर जिले में पुतले जलाएंगे और गुजरात में 5 दिसंबर को जलाए जाएंगे। कल सरकार के पास कानूनों को रद्द करने का निर्णय लेने का अंतिम मौका है अन्यथा यह आंदोलन विशाल हो जाएगा और सरकार गिर जाएगी।
संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए
क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार को कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए एक विशेष संसद सत्र बुलाना चाहिए।
नोएडा में किसानों को डॉ. अंबेडकर मेमोरियल पार्क में शिफ्ट किया
नोएडा: प्रशासन ने किसानों को महामाया फ्लाईओवर रोड से डॉ. अंबेडकर मेमोरियल पार्क में शिफ्ट किया। यहां किसान यूपी के विभिन्न इलाकों से एकत्रित हुए थे। नोएडा के डीसीपी राजेश कुमार सिंह ने कहा, 'चूंकि प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठे थे, जिससे ट्रैफिक जाम हो रहा था, इसलिए हमें उन्हें यहां शिफ्ट करना पड़ा।'
Noida: Administration shifts protesting farmers to Dr Ambedkar Memorial Park from Mahamaya flyover road, where they had gathered from different areas of UP.
— ANI UP (@ANINewsUP) December 2, 2020
"Since protesters were sitting on road causing traffic jam, we've to shift them here," says Noida DCP Rajesh Kumar Singh. pic.twitter.com/u05h0LQLp3
ट्रैफिक को लेकर जारी किया गया अलर्ट
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अलर्ट जारी किया है, 'कालिंदी कुंज बॉर्डर पर ट्रैफिक मूवमेंट बंद हो गया। कृपया यहां जानें से बचें।' पुलिस कह रही है कि ये किसान समूह हैं जो नोएडा विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं, इसलिए जल्द ही उन्हें जाने दिया जाएगा। लेकिन फिलहाल उन्हें कालिंदी कुंज में रोक दिया गया है।
कैप्टन साहिब गंदी राजनीति ना करें: केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि किसानों के मुद्दों पर कैप्टन साहिब गंदी राजनीति ना करें। केंद्र ने काले कानून बनाने के लिए कमेटी बनाई थी, उस कमेटी में कैप्टन साहिब थे। पंजाब के लोग पूछ रहे है, आपने कमेटी में कानून का विरोध क्यों नहीं किया, बिलों को क्यों नहीं रोका? पंजाब के सीएम ने मुझ पर आरोप लगाया कि मैंने दिल्ली में काले कानूनों को पारित किया है। इस नाजुक स्थिति में वह निम्न स्तर की राजनीति कैसे कर सकते हैं? इसे लागू करना राज्य सरकार पर निर्भर नहीं करता है। अगर ऐसा होता तो देश के किसान केंद्र के साथ बातचीत क्यों करते? स्टेडियम को जेल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने मुझ पर दबाव डाला, किसानों को स्टेडियम में बंद करने का केंद्र सरकार का पूरा प्लान तैयार था। लेकिन हमने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
चंडीगढ़ में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन
हरियाणा के सीएम एमएल खट्टर के आवास पर घेराव करने वाले पंजाब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ बल प्रयोग के लिए उनसे माफी की मांग की। यूथ कांग्रेस का कहना है कि हरियाणा के सीएम ने जिस तरह से अन्नदाताओं के संबंध में बयान दिया है वो शर्मनाक है, हरियाणा सरकार के खिलाफ उन लोगों का विरोध जारी रहेगा।
गृहमंत्री अमित शाह के घर पर उच्च स्तरीय बैठक
कृषि कानून के मुद्दे पर किसान संगठन पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है आंदोलन न सिर्फ जारी रहेगा बल्कि उसे और भी तेज किया जाएगा।इन सबके बीच गृहमंत्री अमित शाह के घर पर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है जिसमें कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल शामिल हैं।
हरियाणा बीकेयू चीफ की धमकी
हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चादुनी का कहना है कि मंगलवार को किसान नेताओं की बैठक बेनतीजा रही थी। हम लोगों ने सरकार द्वारा समिति बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दिल्ली में गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का उपद्रव
दिल्ली में गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने जबरदस्त हंगामा किया और पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी वो बॉर्डर से नहीं हटेंगे। इसके साथ केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि यह सरकार सिर्फ शब्दों के जरिए खेतिहर समाज के पेट को भरना चाहती है, लेकिन मंशा उद्योगपतियों को लाभ देने की होती है।
आंदोलन की वजह से चिल्ला बॉर्डर बंद
चिल्ला बार्डर के पास एकाएक किसानों के आ जाने की वजह से असमंजस के हालात पैदा हो गए। पुलिस ने बॉर्डर को सील कर दिया ताकि दिल्ली में किसी तरह की अव्यवस्था ना बने। मंगलवार को सरकार से हुई बातचीत बेनतीजा रही। लेकिन 3 दिसंबर को चौथे दौर की बातचीत पर सहमति बनी।दिल्ली पुलिस का कहना है कि किसानों के विरोध पर जाने के कारण नोएडा के लिए चीला बॉर्डर बंद कर दिया गया है। मोटर चालकों को नोएडा के लिए वैकल्पिक मार्ग लेने की सलाह दी गई है।
किसानों के आंदोलन का असर ट्रेनों पर
कृषि कानून के विरोध में किसानों के तेवर में किसी तरह की नरमी दिखाई नहीं दे रही है। आंदोलन के चलते ऐहतियातन उत्तर रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। उत्तर रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनदर यह निर्णय लिया गया है। हालात सामान्य होने पर सेवा फिर से बहाल की जाएगी।
3 दिसंबर को चौथे दौर की होगी बातचीत
मंगलवार को किसानों के अलग अलग संगठनों के नेताओं के साथ केंद्र सरकार के आला मंत्रियों की बैठक हुई। हालांकि कोई रास्ता नहीं निकला। इन सबके बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 3 दिसंबर को चौथे दौर की वार्ता होगी और उन्हें उम्मीद है कि कोई न कोई रास्ता जरूर निकलेगा।

