..तो यूं कार चलाने का खर्च 35 रु/लीटर तक हो जाएगा कम, 'Flexi Fuel'से फर्राटा भरेंगी गाड़ियां!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 1, 2021, 05:18 PM IST

flexi fuel will use in vehicle:पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को देखते हुए केन्द्र सरकार ऑटो सेक्टर में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन को लाने का विचार कर रही है इस बारे में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने संकेत दिए।

..तो यूं कार चलाने का खर्च 35 रु/लीटर तक हो जाएगा कम, 'Flexi Fuel'से फर्राटा भरेंगी गाड़ियां!

नई दिल्ली: देश में हाल ही में पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel Price) की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है साथ ही इसका असर महंगाई पर भी पड़ रहा है वहीं केंद्र सरकार ने इसको ध्यान में रखते हुए कुछ ठोस कदम उठाने की पहल की है, बताया जा रहा है कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वाहन ईंधन के रूप में पेट्रोल में 12 प्रतिशत और 15 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण को लेकर अधिसूचना का मसौदा जारी किया है।

यानी आसान भाषा में कहें तो केंद्र सरकार की ओर से जल्‍द ही एक ऐसा ऐलान होने वाला है, जिससे आपकी कार चलाने का खर्च तकरीबन आधा हो जाएगा और वैकल्पिक फ्यूल (Ethanol) के इस्‍तेमाल से ऐसा मुमकिन होगा। एथनॉल आधारित गाड़ियों यानी Flexi fuel वाहनों को जल्द हकीकत बनाने के लिए सरकार तैयारी कर रही है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि अगले करीब 10 दिन में फ्लेक्‍स फ्यूल इंजन  (flex-fuel engines) पर बड़ा ऐलान करने वाले हैं, 'Flexi Fuel' यानी ऐसा ईंधन जो एथनॉल (ethanol) पर भी फर्राटा भर सके, जानें ये आखिर है क्या और इससे क्या-क्या फायदे हो सकते हैं-



फिलहाल, देश में प्रति लीटर पेट्रोल में 8.5% एथनॉल मिलाया जाता है, जो कि 2014 में 1 से 1.5% हुआ करता था। इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करने के लिए पेट्रोल के साथ 20 फीसदी एथनॉल ब्लेंडिंग को हासिल करने का लक्ष्य 2025 कर दिया गया है।

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