Union Budget 2022-23: कुछ ही दिनों में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) अपना चौथा बजट (Budget 2022) पेश करेंगी।
कोविड-19 (Covid-19) से उत्पन्न कठिनाइयों के समय में वित्त मंत्री सीतारमण को करों और गैर-कर राजस्व के माध्यम से अधिक संसाधन जुटाने की आवश्यकता है। अर्थशास्त्रियों, कंपनियों, कर विशेषज्ञों और नौकरीपेशा लोगों को बजट 2022 से ये 13 उम्मीदें हैं- (Budget Expectations)
- घर से काम (work-from-home) करने के परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, वेतनभोगी वर्ग को बजट 2022 में अपने करों की गणना में होम ऑफिस के खर्चों में कटौती की उम्मीद है।
- महामारी की शुरुआत के बाद से स्वास्थ्य बीमा (Health insurance) लोगों की प्राथमिकता बन गया है। बीमा विशेषज्ञ चाहते हैं कि स्वास्थ्य कवर को 5 फीसदी जीएसटी स्लैब में रखा जाए ताकि इसे और अधिक किफायती बनाया जा सके। जीएसटी दर में यह कमी अधिक लोगों को स्वास्थ्य बीमा खरीदने के लिए सक्षम और प्रोत्साहित करेगी।
- महामारी के दौर में बिक्री में गिरावट आई है। ऑटोमोबाइल सेक्टर इलेक्ट्रॉनिक वाहन (ईवी) के लिए निहित है। यह सेक्टर चाहता है कि अधिक लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए कम ब्याज दरों पर ईवी को चुनने के लिए प्राथमिकता दी जाए।
- महामारी से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर भी काफी प्रभावित हुआ है। इस क्षेत्र को रिस्टोर्ड जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (GST input tax credit) की उम्मीद है। वहीं, सेक्टर रेस्टोरेंट को लॉकडाउन से बचाने के लिए एक सिस्टम चाहता है।
- बैंक और एमएसएमई उद्योग आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (Emergency Credit Line Guarantee Scheme, ECLGS) के अनुरूप समर्थन मांग रहे हैं, जिसमें बैंकों और एनबीएफसी द्वारा दिए गए ऋणों पर राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी द्वारा 100 फीसदी क्रेडिट गारंटी शामिल है।
- FMCG क्षेत्र की इच्छा है कि सीतारमण लोगों के हाथों में पैसा देना जारी रखें, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
- विमानन उद्योग कम से कम 2 वर्षों के लिए टैक्स ब्रेक और न्यूनतम वैकल्पिक कर के निलंबन की उम्मीद कर रहा है। महामारी से प्रभावित एयरलाइंस भी न्यूनतम वैकल्पिक कर (Minimum Alternate Tax) को निलंबित करने की मांग कर रही हैं।
- स्टॉक मार्केट प्लेटफॉर्म्स की भी बजट से काफी उम्मीदें हैं। वे प्रतिभूति लेनदेन कर में कमी चाहते हैं।
- घरेलू क्रिप्टो और ब्लॉकचैन स्टार्टअप कराधान, कानून, छूट और नियमों जैसे मुद्दों पर स्पष्टता चाहते हैं।
- इसके अलावा 'स्टार्टअप्स' की परिभाषा में बदलाव किया जा सकता है क्योंकि उद्योग निकाय इंडियन प्राइवेट इक्विटी एंड वेंचर कैपिटल एसोसिएशन ने स्टार्टअप्स के लिए एक नई परिभाषा का प्रस्ताव दिया है।
- भारत का नवीकरणीय क्षेत्र (Renewables Sector) निवेश-आधारित कर प्रोत्साहन की मांग कर रहा है। वे स्टोरेज सेगमेंट में रिसर्च एंड डेवलप्मेंट, टेक्नोलॉजी अपनाने और निवेश के प्रोत्साहन की मांग कर रहे हैं।
- मौजूदा स्टैंडर्ड डिडक्शन लिमिट (Standard Deduction Limit) को 50,000 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 75,000 रुपये करने की भी उम्मीद की जा रही है।
- इतना ही नहीं, विशेषज्ञ कोविड में बढ़ती असमानता को दूर करने के लिए वेल्थ एंड इन्हेरिटेंस कर (Wealth and Inheritance Tax) को फिर से शुरू करने की उम्मीद कर रहे हैं।
कोरोना काल में देश में महंगाई में लगातार तेजी आई है। ऐसे में आगामी बजट में अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के प्रभावों को कम करने की कोशिश की जा सकती है।
End of Article

