ITR: इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय इन 5 गलतियों से बचें

Income tax return : आयकर रिटर्न फाइल करने की समय सीमा को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दिया गया है। फिर जल्द दाखिल करना बेहतर होगा ताकि गलतियां होने बचा जा सके।

Avoid these 5 mistakes while filing ITR
आयकर रिटर्न फॉर्म में गलतियां न करें (तस्वीर-istock) 

Income tax return : आकलन वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख को तीन महीने बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2021 कर दिया गया है। अब आपके पास अधिक समय है। लेकिन प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करना सबसे अच्छा है। ज्यों ही नए इनकम टैक्स पोर्टल की गड़बड़ियां पूरी तरह से दूर हो जाती हैं। इससे आपको अंतिम समय में होने वाली हड़बड़ी और उन त्रुटियों से बचने में मदद मिलेगी जो आपके रिटर्न में आ सकती हैं।

आईटीआर फाइल करना एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रक्रिया है। टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय आपको कुछ गलतियों से बचना चाहिए:-

गलत ITR फॉर्म

विभिन्न प्रकार के टैक्सपेयर्स के लिए अलग-अलग इनकम टैक्स फॉर्म निर्धारित हैं। ITR-1 (सहज) केवल 50 लाख रुपए तक की आय वाले निवासी व्यक्तियों के लिए और केवल वेतन, एक घर की संपत्ति और अन्य स्रोतों से आय वाले लोगों के लिए लागू है। ITR-3 व्यवसाय या पेशे से आय के लिए और ITR-4 (SUGAM) टैक्सेशन की अनुमानित पद्धति जैसे कि फ्रीलांसरों के लिए लागू होता है। आईटीआर फॉर्म चुनते समय टैक्सपेयर्स को सावधान रहना चाहिए। गलत फॉर्म टैक्स रिटर्न भरने टैक्सपेयर को एक बार फिर से रिटर्न दाखिल करने के लिए टैक्स विभाग से नोटिस प्राप्त हो सकता है।

आय के सभी स्रोतों की रिपोर्ट नहीं करना

आईटीआर दाखिल करते समय, आय के सभी स्रोतों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है, चाहे पिछले या वर्तमान रोजगार से या निवेश से आय, एफडी ब्याज दर आय, बचत खाता ब्याज आय, आदि और इसे उचित आईटीआर फॉर्म के तहत दर्ज करें। अगर किसी आय की सूचना नहीं दी जाती है, तो विसंगति टीडीएस प्रमाणपत्र (फॉर्म 16) और फॉर्म 26AS में दिखाई देगी। टैक्स विभाग इस मामले में टैक्सपेयर को अतिरिक्त टैक्स बकाया का भुगतान करने के लिए टैक्स डिमांड नोटिस भेज सकता है।

पूंजीगत लाभ से आय की घोषणा नहीं करना

पूंजीगत लाभ की गणना के लिए आईटीआर को पूंजीगत संपत्ति की बिक्री, खरीद और व्यय के पूर्ण डिटेल की आवश्यकता होती है। अगर कोई टैक्सपेयर पूंजीगत लाभ छूट का दावा करने के लिए निवेश करता है, तो टैक्सपेयर को निवेश और पूंजीगत लाभ छूट का डिटेल प्रदान करना होगा।

नाबालिग की आय को क्लब नहीं करना

अगर टैक्सपेयर्स ने अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर कोई निवेश किया है, तो उन्हें आय के हिस्से के रूप में उसी से ब्याज आय जैसी आय शामिल करनी चाहिए। आय की क्लबिंग आम तौर पर माता-पिता के साथ होती है जिनकी आय अधिक होती है। टैक्सपेयर दो बच्चों तक प्रति बच्चे 1,500 रुपए तक की कटौती का दावा कर सकते हैं।

फॉर्म 26AS के साथ TDS डिटेल की पुष्टि नहीं करना

फॉर्म 26AS में वेतन, ब्याज या अचल संपत्ति की बिक्री जैसी आय पर TDS और टैक्स भुगतान का सारांश होता है। ITR फाइल करने से पहले फॉर्म 26AS के साथ TDS और टैक्स पेमेंट को वेरिफाई करना चाहिए। फॉर्म 26AS इनकम टैक्स ई-फाइलिंग वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।

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