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Arhar And Urad Dal Duty Free Import Deadline: अरहर और उड़द दाल की नहीं बढ़ेगी कीमत, सरकार ने बढ़ाई ड्यूटी फ्री आयात की डेडलाइन

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Dec 28, 2023, 08:16 PM IST

Arhar And Urad Dal Duty Free Import Deadline: केंद्र सरकार ने तुअर यानी अरहर और उड़द दाल के इंपोर्ट ड्यूटी से छूट की अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी है। अब 2025 तक आयात पर कोई रोक नहीं होगी।

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तुअर और उड़द पर आयात ड्यूटी से छूट बढ़ी

Photo : BCCL

Arhar And Urad Dal Duty Free Import Deadline: मोदी सरकार ने तुअर यानी अरहर और उड़द दाल के आयात पर शुल्क से छूट की अवधि एक साल के लिए बढ़ा दी है। सरकार ने कहा कि घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने और कीमतों को नियंत्रण में रखने की कोशिशों के तहत मार्च 2025 तक तुअर और उड़द दाल के आयात पर कोई रोक नहीं होगी। तुअर और उड़द दाल को फ्री ड्यूटी की कटैगरी में रखा गया है यानी इनके आयात पर कोई रोक नहीं होगी।

Arhar And Urad Dal  Duty Free Import Deadline

तुअर और उड़द दाल के आयात पर कोई अंकुश नहीं होगा

तुअर, उड़द और मूंग दाल फ्री ड्यूटी की कटैगरी में

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अधिसूचना में कहा कि उड़द और तुअर की फ्री इंपोर्ट पॉलिसी को 31 मार्च 2025 तक बढ़ा दिया गया है। फिलहाल इन दालों के लिए फ्री इंपोर्ट पॉलिसी मार्च 2024 तक लागू है। सरकार ने 15 मई, 2021 से फ्री ड्यूटी कटैगरी के तहत तुअर, उड़द और मूंग दाल के आयात की अनुमति दी थी और यह 31 अक्टूबर, 2021 तक वैध थी। इसके बाद तुअर दाल और उड़द दाल के आयात के संबंध में फ्री व्यवस्था बढ़ा दी गई।

उत्पादन और आयात नंबर 1 देश है भारत

भारत दुनिया का सबसे अधिक दाल का उत्पादन करता है और आयात भी सबसे अधिक करता है। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान भारत ने 24.96 लाख टन दलहन का आयात किया था। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह के मुताबिक कुछ दालों का उत्पादन उतना नहीं है जितना हम खपत करते हैं। उधर सरकार ने खाद्य तेलों पाम तेल, सोयाबीन तेल और सूरजमुखी तेल पर भी आयात शुल्क में बदलाव नहीं किया है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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