Chinese Stock Market: चीन के शेयर बाजार के लिए बीता हफ्ता भी कमजोर रहा। हॉन्ग-कॉन्ग में लिस्टेड मेनलैंड कंपनियों का एक ग्रुप 2024 में ग्लोबल इक्विटी इंडेक्स रैंकिंग में सबसे नीचे है। हाल के दिनों में चीन के शेयर बाजार में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। टोक्यो एशिया के सबसे बड़े इक्विटी बाजार के रूप में उभरा है और शंघाई से आगे निकल गया है, जबकि भारत का चीन पर वैल्यूएशन प्रीमियम एक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। चीन के शेयर बाजार में गिरावट देश की एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के लिए मुसीबत बनकर उभर रही है। हैंग सेंग चाइना एंटरप्राइजेज इंडेक्स पहले ही 2024 में 11% गिर चुका है। चार साल की रिकॉर्ड गिरावट के बीच एक्टिव फंड मैनेजर्स से लेकर पैसिव फंड तक हर कोई दुनिया की दूसरी सबसे बड़े शेयर बाजार से मुंह मोड़ रहे हैं।
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6.1 लाख करोड़ डॉलर हुए स्वाहा
कुल मिलाकर 2021 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद से चीन और हॉन्ग-कॉन्ग की शेयर मार्केट वैल्यू में लगभग 6.3 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर का सफाया हो गया है। बीजिंग इस समय जिस चुनौती का सामना कर रहा है, वह निवेशकों के विश्वास में गिरावट को रोकना।
अधिकारियों ने गिरती अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बड़े पैमाने पर सपोर्ट (आर्थिक) के उपयोग से इनकार कर दिया है, जिससे ट्रेडर्स इस टेंशन में हैं कि चीजें कब सुधरेंगी।
रियल एस्टेट सेक्टर के सामने चुनौतियां
चीन का रियल एस्टेट सेक्टर परेशानी का सबब बना हुआ है, अपस्फीति (Deflationary) का दबाव बन रहा है और बीजिंग और वाशिंगटन के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, जबकि इस साल के अंत में अमेरिकी चुनाव होने हैं।
