'मध्यप्रदेश की धरती पर प्यार तो चल सकता है, लेकिन जिहाद किसी भी कीमत पर नहीं चल सकता'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 10, 2021, 12:56 AM IST

Love Jihad in MP: सीएम शिवराज सिंह ने कहा, 'अब मध्यप्रदेश की धरती पर प्यार तो चल सकता है, लेकिन जिहाद किसी भी कीमत पर नहीं चल सकता।'

'मध्यप्रदेश की धरती पर प्यार तो चल सकता है, लेकिन जिहाद किसी भी कीमत पर नहीं चल सकता'

इंदौर: मध्यप्रदेश में जबरन या छल-कपट से धर्मांतरण पर रोक लगाने वाले कानून के वजूद में आने के अगले दिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि अब सूबे में प्यार तो चल सकता है, लेकिन 'जिहाद' किसी भी कीमत पर नहीं चल सकता। चौहान ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, 'हमने विधानसभा में कल (सोमवार) ही धार्मिक स्वतंत्रता का विधेयक पारित किया है। अगर किसी व्यक्ति ने गलत नीयत, भय और प्रलोभन के जरिये या बहला-फुसलाकर बेटियों की जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश की, तो मैं उस व्यक्ति से जिंदगी भर जेल में चक्की पिसवाऊंगा।'

गौरतलब है कि विधानसभा से पारित 'मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक-2021'में शादी तथा किसी अन्य कपटपूर्ण तरीके से धर्मांतरण पर अधिकतम 10 साल की कैद और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित इंदौर जिले में महामारी के बढ़ते प्रकोप पर चिंता भी जताई जहां हाल ही में छह लोगों में इसके वायरस का ब्रिटेन वाला स्वरूप मिला है।चौहान ने कहा, 'पड़ोसी महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण बुरी तरह फैला हुआ है। इंदौर, मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी होने के नाते खासकर मुम्बई से जुड़ा है। इसलिए मैं आपको डरा नहीं रहा हूं। लेकिन थोड़ा चिंतित हूं।'

"अब इंदौर में लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा होने दी जाए"

मुख्यमंत्री ने इंदौरवासियों से मास्क पहनने और महामारी से बचने की तमाम हिदायतें मानने की अपील की। उन्होंने कहा, 'मैं बिल्कुल नहीं चाहता कि अब इंदौर में लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा होने दी जाए।' चौहान ने शहर में परमार्थिक क्षेत्र के 'माधव सृष्टि चमेली देवी अग्रवाल मेडिकल सेंटर' का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता सुरेश सोनी भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने एक अन्य कार्यक्रम में अफसरों को निर्देश दिए कि लोगों के भूखंडों पर जबरन कब्जा करने वाले भू-माफिया पर सख्त कार्रवाई की जाए और वास्तविक हकदारों को भूखंडों पर जल्द से जल्द कब्जा दिलाया जाए।

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