Times Drive Green Conclave & Awards 2024: टाइम्स ड्राइव ग्रीन कॉन्क्लेव एंड अवार्ड्स 2024 के मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि हमारा लक्ष्य अगले 5 वर्षों में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को दुनिया में नंबर एक बनाना है। उन्होंने कहा कि हमें ईवी के भविष्य और भारत को एक टिकाऊ और भविष्य के लिए परिवहन तैयार करना है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का मिशन भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत बनाना है।
टाइम्स ड्राइव ग्रीन कॉन्क्लेव एंड अवार्ड्स 2024 में नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान
इंडियन ऑटो इंडस्ट्री को बनाना है दुनिया में नंबर 1
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को दुनिया में नंबर 1 बनाना है। मंत्री ने कहा कि भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गया है।
जीएसटी और निर्यात का बड़ा स्रोत
उन्होंने कहा कि मोटर वाहन इंडस्ट्री रोजगार, जीएसटी और निर्यात के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है। ये सभी भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे सरकार को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलती है।
वैकल्पिक ईंधन विकसित करने की जरुरत
कार्यक्रम में मंत्री ने वैकल्पिक ईंधन पर स्विच करने और जीवाश्म ईंधन आधारित वाहनों से दूर जाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वैकल्पिक ईंधन विकसित करने और Fossil fuels पर देश की निर्भरता कम करने की जरुरत के बारे में बात की, जिसे उन्होंने प्रदूषण में एक प्रमुख योगदानकर्ता बताया।
दिल्ली प्रदूषण पर बोले गडकरी
प्रदूषण पर गडकरी ने कहा कि मुझे दिल्ली में वायु प्रदूषण के बारे में कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप पहले से ही इसे जानते हैं। प्रदूषण को एक बड़ी समस्या बताते हुए, उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें दोषी महसूस हो रहा है कि देश के 40% वायु प्रदूषण का कारण परिवहन क्षेत्र है, जो गडकरी का मंत्रालय है।
टोयोटा फ्लेक्स फ्यूल कार में आए गडकरी
टोयोटा फ्लेक्स फ्यूल कार में सवार होकर शिखर सम्मेलन में पहुंचे गडकरी ने प्रदूषण और आर्थिक विकास के व्यापक प्रभावों के बारे में भी बात की। उन्होंने Fossil fuels और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बात करते हुए कहा कि हमें जीवाश्म ईंधन के विकल्प खोजने की जरुरत है।
पराली को जैव ईंधन में बदलने के लिए 400 परियोजना
नितिन गडकरी ने कहा कि वर्तमान में फसलों के अपशिष्ट या पराली को जैव ईंधन में बदलने के लिए 400 परियोजना चल रही हैं। खेतों में पराली जलाए जाने की वजह से हर साल सर्दियों में उत्तर भारत में एयर क्वालिटी में गिरावट आती है। पंजाब और हरियाणा धान की फसल के बाद गेहूं की खेती के लिए खेतों को तैयार करने के लिए पराली जलाई जाती है इसकी वजह से राजधानी दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो जाती है। महीनों दिल्ली एनसीआर में स्मोग छाया रहता है जो कई तरह की दैनिक और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।
पराली का बायो-फ्यूल बनाने में कई समस्याओं का समाधान
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नितिन गडकरी के नेतृत्व में इस समस्या का समाधान ढूंढने में जोरशोर से जुटा है। टाइम्स ड्राइव ग्रीन कॉनक्लेव एंड अवॉर्ड्स 2024 में शिरकत करते हुए उन्होंने बताया कि पराली को बायो-फ्यूल में तब्दील करने के लिए 400 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। पराली का बायो-फ्यूल बनाने के में उपयोग कई समस्याओं का समाधान कर देगा। ऐसे में केंद्रीय मंत्री ने भारत में जैव ईंधन और वैकल्पिक ईंधन वाहनों के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
गड़करी ने कहा कि जैव ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित अन्य वैकल्पिक ईंधन की ओर रुख करने से भारत को अपने जीवाश्म ईंधन का आयात कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने हाइड्रोजन को एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक और भविष्य का ईंधन करार दिया।
