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Explained: माइलेज का असली 'डाकू' E20 नहीं! तो फिर कौन पी रहा है आपकी गाड़ी का पेट्रोल?

E20 Petrol : ई20 पेट्रोल के बाद गाड़ियों का माइलेज घटने की बहस तेज है। सरकार का कहना है कि माइलेज में बदलाव के लिए केवल ई20 को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। तो फिर कौन से कारण जिम्मेदार है।

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E20 पेट्रोल को मत दो दोष! ड्राइविंग की ये कमियां चुरा रही हैं आपकी गाड़ी का माइलेज (तस्वीर-AI)
Authored by: Ramanuj Singh
Updated Aug 16, 2026, 13:22 IST
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E20 Petrol : हाल ही में गाड़ियों के माइलेज को लेकर एक बहस छिड़ी हुई है। कई वाहन चालकों का मानना है कि ई20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल) के आने के बाद से उनकी गाड़ियों का माइलेज कम हो गया है। हालांकि सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि सिर्फ ई20 पेट्रोल को माइलेज में आने वाले बदलाव के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। वास्तविक दुनिया में किसी भी गाड़ी का माइलेज सिर्फ ईंधन के प्रकार पर नहीं, बल्कि गाड़ी की स्थिति, चलाने के तरीके और सड़क के हालात जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण कारणों पर निर्भर करता है।

सरकार की सफाई और पेट्रोलियम मंत्रालय का रुख

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि ई20 पेट्रोल को बाजार में उतारने से पहले व्यापक परीक्षण और सत्यापन से गुजारा गया है। सरकार के अनुसार, ईंधन के अलावा ड्राइविंग हैबिट्स, ट्रैफिक, गाड़ियों का रखरखाव, टायर प्रेशर और एयर कंडीशनर (एसी) का इस्तेमाल जैसे कारक माइलेज तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। सरकार ने यह बात स्वीकार की है कि ई20 के इस्तेमाल से कुछ वाहनों के माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक की मामूली कमी आ सकती है, लेकिन दैनिक जीवन में गाड़ी जितना माइलेज देती है, वह पूरी तरह से वाहन की स्थिति और उसे चलाने के माहौल पर निर्भर करता है।

माइलेज पर असर डालने वाले प्रमुख कारण

जब भी गाड़ी का माइलेज गिरता है, तो लोग सीधे पेट्रोल की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स और पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, निम्नलिखित कारण माइलेज पर सबसे ज्यादा असर डालते हैं:-

  • ड्राइविंग स्टाइल और आदतें: बार-बार अचानक ब्रेक लगाना, तेजी से एक्सीलेरेटर दबाना और जरूरत न होने पर भी हाई रेव (आरपीएम) पर गाड़ी चलाना ईंधन की खपत को बहुत बढ़ा देता है। स्मूथ ड्राइविंग से माइलेज हमेशा बेहतर रहता है।
  • ट्रैफिक और सड़क की स्थिति: भारी ट्रैफिक में बार-बार गाड़ी को रोकने और स्टार्ट करने (स्टॉप-एंड-गो) से पेट्रोल ज्यादा खर्च होता है। बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक और खराब सड़कों पर गाड़ी चलाने से ईंधन दक्षता में भारी गिरावट आती है।
  • टायर प्रेशर: टायरों में हवा का सही दबाव न होना माइलेज घटने का एक बहुत बड़ा कारण है। जब टायरों में हवा कम होती है, तो रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे इंजन को गाड़ी खींचने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है और पेट्रोल ज्यादा जलता है।
  • एयर कंडीशनर का इस्तेमाल: गाड़ी में लगातार तेज स्पीड पर एसी चलाने से इंजन पर अतिरिक्त भार पड़ता है। खासतौर पर चिलचिलाती धूप और भारी ट्रैफिक में एसी का इस्तेमाल माइलेज को सीधा प्रभावित करता है।
  • समय पर सर्विसिंग और मेंटेनेंस: इंजन ऑयल का पुराना होना, एयर फिल्टर और स्पार्क प्लग का गंदा होना गाड़ी की परफॉर्मेंस को धीमा कर देता है। नियमित मेंटेनेंस न होने से इंजन ईंधन की सही खपत नहीं कर पाता।
क्या ई20 पेट्रोल सच में घटा रहा है माइलेज? सरकार ने खोला असली 'सीक्रेट' (तस्वीर-x)

क्या ई20 पेट्रोल सच में घटा रहा है माइलेज? सरकार ने खोला असली 'सीक्रेट' (तस्वीर-x)

ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता और मिलावट की आशंकाओं पर सच

ई20 पेट्रोल को लेकर केवल माइलेज ही नहीं, बल्कि वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचने और ईंधन में पानी या क्लोराइड की मिलावट की आशंकाएं भी जताई जा रही थीं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों ने इन सभी चिंताओं को खारिज कर दिया है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा देशभर में किए गए व्यापक परीक्षणों में ईंधन में उच्च क्लोराइड स्तर या नमी का कोई सबूत नहीं मिला है। रिफाइनरियों से लिए गए 100 से अधिक पेट्रोल सैंपल्स में क्लोराइड का स्तर तय सीमा से बेहद कम (एक पीपीएम या उससे नीचे) पाया गया। इसके अलावा, 80 डिस्टिलरी से लिए गए इथेनॉल और 80 से अधिक ई20 डिपो सैंपल्स में भी क्लोराइड की मात्रा निर्धारित मानक 3 पीपीएम से कम रही।

पेट्रोल पंपों पर पानी के प्रवेश की जांच

ग्राहकों के मन में यह भी डर था कि पेट्रोल पंपों के भूमिगत टैंकों में पानी मिलने से ई20 पेट्रोल खराब हो रहा है। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए तेल कंपनियों ने बताया कि देशभर के करीब 90,000 पेट्रोल पंपों के अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंकों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कहीं भी पानी के अंदर जाने या जमा होने की समस्या नहीं पाई गई। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी पुष्टि की है कि रिटेल आउटलेट्स पर कड़ी जांच की गई है और मिलावट के मामले न के बराबर सामने आए हैं।

ई20 पेट्रोल भले ही पर्यावरण के अनुकूल हो और देश की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद कर रहा हो, लेकिन इससे माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत का मामूली तकनीकी अंतर आ सकता है। हालांकि, अगर आपकी गाड़ी का माइलेज अचानक बहुत कम हो गया है, तो इसके लिए सिर्फ पेट्रोल को दोष देने के बजाय गाड़ी की सर्विसिंग, टायरों में हवा का दबाव, ड्राइविंग की आदतें और ट्रैफिक की स्थितियों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। सही तरीके से गाड़ी चलाकर और उसका ध्यान रखकर आप ई20 पेट्रोल के साथ भी बेहतरीन माइलेज हासिल कर सकते हैं।

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