खाड़ी देशों में UAE को ही सबसे ज्यादा निशाना क्यों बना रहा ईरान? दाग चुका है 2,200 से ज्यादा मिसाइलें और ड्रोन

दुनिया में यूएई की छवि एक शांत प्रिय देश की है। यहां दुनिया भर के अमीर लोग रहते हैं। भारी संख्या में पर्यटक यहां हर साल आते हैं। ईरान के हमलों से पहले यूएई-सऊदी अरब रहने एवं कारोबार के लिए सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक माने जाते थे। ईरान ने इस छवि को तोड़ दिया है।

Why Iran Targets UAE : बीते 28 फरवरी को अपने ऊपर अमेरिका और इजराइल का हमला शुरू होने के बाद ईरान ने जवाब देना शुरू किया। उसने इजराइल में ड्रोन एवं मिसाइलों से तो हमले किए ही, खाड़ी देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। कतर, बहरीन, सऊदी अरब, जॉर्डन, ओमान, इराक और यूएई सहित करीब 11 देश उसके निशाने पर आ गए। ईरान ने पहले इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए और फिर इन देशों के तेल एवं गैस संयंत्रों, होटलों, एयरपोर्ट और रिहायशी इलाकों पर भी ड्रोन एवं मिसाइलें दागीं। कई रिपोर्टों में तो यह भी कहा गया है कि ईरान ने उतनी मिसाइलें इजराइल पर भी नहीं दांगी जितनी कि इन खाड़ी के मुस्लिम देशों पर।

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इजराइल के बाद ईरान ने सबसे ज्यादा यूएई पर किए हमले।

यूएस-इजराइल दोनों के साथ UAE की निकटता

इन खाड़ी देशों में सबसे ज्यादा हमले अगर किसी देश पर हुए हैं तो वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है। एक्सपर्ट्स की राय है कि यूएई पर ईरान के सबसे ज्यादा हमले होने की वजह इसकी अमेरिका और इजराइल दोनों के साथ करीबी सहयोग और निकटता है। यूएई में अमेरिका का सैन्य बैस है। दूसरा इसकी सुरक्षा की काफी हद तक जिम्मेदारी अमेरिका संभलता है और यूएस के साथ सुरक्षा समझौता भी है। दूसरा, इजराइल और खाड़ी देशों के बीच अब्राहम अकार्ड्स लागू कराने में यूएई की बड़ी भूमिका रही है। ईरान इस वजह से भी यूएई से चिढ़ता है। एक तीसरी वजह जो हमले के लिए ईरान को स्ट्रेटेजिक बढ़त देती है, वह है इसकी यूएई से निकटता। खाड़ी के बाकी देशों की तुलना में यूएई, ईरान के ज्यादा करीब है। ईरान के सस्ते एवं तेज हथियार जल्द यूएई पहुंच सकते हैं।

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