मध्यस्थता के लिए PAK पर US-ईरान ने क्‍यों किया भरोसा? क्या है इसकी वजह, ऐसे समझें

पाकिस्तान के लिए इसे एक शानदार डिप्लोमेटिक उपलब्धि माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान, दोनों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान सेना के फील्ड मार्शल असीम मुनीर को युद्धविराम के लिए क्रेडिट दिया है।

US Iran Ceasefire: ईरान और अमेरिका-इजरायल संघर्ष एक महाविनाशक युद्ध में बदल सकता था लेकिन उससे पहले पाकिस्तान, चीन, तुर्की और मिस्र की मध्यस्थता में युद्धविराम हो गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे 'इस्लामाबाद समझौता' नाम दिया है। पाकिस्तान के लिए इसे एक शानदार डिप्लोमेटिक उपलब्धि माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान, दोनों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान सेना के फील्ड मार्शल असीम मुनीर को युद्धविराम के लिए क्रेडिट दिया है। इस मध्यस्थता से साबित होता है कि ईरान और अमेरिका, दोनों ने बतौर मध्यस्थ पाकिस्तान की भूमिका को स्वीकार किया है और उसे एक भरोसेमंद मध्यस्थ माना है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपने पोस्ट में लिखा 'पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के प्रति आभार और सराहना।

Asim munir

सीजफायर पर इस्लामाबाद में बातचीत।

डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने ट्वीट में पाकिस्तान और फील्ड मार्शल असीम मुनीर का नाम लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर अराघची के इस नोट को शेयर किया जिससे यह संकेत मिला कि वॉशिंगटन भी शांति वार्ता में इस्लामाबाद की भूमिका को स्वीकार करता है।

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