भारत की मिसाइल शक्ति का दुनिया में बजा डंका, फिलीपींस के बाद अब यह देश भी अपनी सेना में शामिल करेगा ब्रह्मोस

BrahMos Missile: भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को लेकर बड़ी सफलता मिली है। वियतनाम ने इसे खरीदने की पुष्टि की है, जबकि इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में पहुंच गया है।

BrahMos Missile: भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। वियतनाम ने भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को खरीदने का फैसला किया है। इस जानकारी की पुष्टि भारत के रक्षा सचिव आर.के. सिंह ने की है। इसे भारतीय रक्षा उद्योग और स्वदेशी सैन्य तकनीक पर बढ़ते वैश्विक भरोसे का बड़ा संकेत माना जा रहा है। रक्षा सचिव ने बताया कि वियतनाम जल्द ही अपनी सेना में ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos deal) को शामिल करेगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

BrahMos Missile

वियतनाम के बाद इंडोनेशिया भी खरीद सकता है ब्रह्मोस मिसाइल (फाइल फोटो)

इंडोनेशिया भी इस मिसाइल को अपनी सैन्य में कर सकता है मिसाइल

माना जा रहा है कि आने वाले समय में इंडोनेशिया भी इस मिसाइल को अपनी सैन्य ताकत का हिस्सा बना सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, इंडोनेशिया वर्ष 2028 तक ब्रह्मोस मिसाइल की तीन बैटरियां हासिल कर सकता है। इससे पहले फिलीपींस वर्ष 2024 में भारत से ब्रह्मोस तटीय एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली खरीदने वाला पहला देश बना था। इसके बाद अब वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों की दिलचस्पी भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता मानी जा रही है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है। इसकी मारक क्षमता लगभग 290 किलोमीटर तक है और यह करीब 2.8 मैक की गति से उड़ान भर सकती है।

End of Feed