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'न TV, न अखबार, बार-बार पढ़ रहा पुरानी किताब', जेल में कैद इमरान खान का फूटा गुस्सा, बोले- PAK इतिहास की...

Pakistan Politics: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि वह देश के इतिहास में “सबसे कठोर कारावास की सजा” काट रहे हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान ने दावा किया कि उनके परिवार की ओर से भेजी गई किताबें महीनों से रोककर रखी गई हैं और टेलीविजन तथा अखबार तक उनकी पहुंच भी समाप्त कर दी गई है।

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)

Pakistan Politics: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने गुरुवार को कहा कि वह देश के इतिहास में “सबसे कठोर कारावास की सजा” काट रहे हैं। कई मामलों में दोषी करार दिए जा चुके इमरान (72) अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री के सत्यापित ‘एक्स’ हैंडल से जारी एक पोस्ट में उनके हवाले से कहा गया है कि मैं केवल संविधान की सर्वोच्चता और अपने देश की सेवा के लिए देश के इतिहास में सबसे कठोर कारावास की सजा काट रहा हूं। उन्होंने आरोप लगाया, “उत्पीड़न और तानाशाही का स्तर इतना ज्यादा है कि मेरे पास नहाने के लिए जो पानी है, वह भी गंदा और दूषित है, जो किसी भी इंसान के लिए इस्तेमाल के लायक नहीं है।”

बार-बार पुरानी किताबें पढ़ रहे इमरान

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान ने दावा किया कि उनके परिवार की ओर से भेजी गई किताबें महीनों से रोककर रखी गई हैं और टेलीविजन तथा अखबार तक उनकी पहुंच भी समाप्त कर दी गई है। उन्होंने कहा, “मैं वही पुरानी किताबें बार-बार पढ़कर अपना समय काट रहा था, लेकिन अब उन तक पहुंच भी बाधित कर दी गई है।”

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, इमरान ने दावा किया कि पाकिस्तान के इतिहास में किसी भी नेता को इस तरह के व्यवहार का सामना नहीं करना पड़ा, जैसा कि वह वर्तमान में अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने अपने साथ किए जा रहे कथित व्यवहार की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से की, जिन्हें भ्रष्टाचार के कई मामलों में संलिप्त होने के बावजूद कारावास के दौरान “हर संभव सुविधा प्रदान की गई थी।”

'मानवाधिकारों का हो रहा हनन'

इमरान ने कहा कि उनकी पत्नी बुशरा बीबी, जो “निर्दोष” हैं और राजनीति का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें भी जेल में “अमानवीय परिस्थितियों” का सामना करना पड़ रहा है। इमरान ने आरोप लगाया कि उनके सभी बुनियादी मानवाधिकारों का हनन किया गया है और यहां तक कि उन्हें कानून एवं जेल नियमावली के तहत सामान्य कैदियों को मिलने वाली न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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