UN Secretary General Election: संयुक्त राष्ट्र में अगले महासचिव के चयन को लेकर इस बार मुकाबला अपेक्षाकृत छोटा, लेकिन कहीं अधिक संवेदनशील और रणनीतिक बन गया है। दुनिया के सबसे प्रभावशाली बहुपक्षीय संगठन United Nations के शीर्ष पद के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं, जो इस सप्ताह 193 सदस्य देशों के राजदूतों के सामने अपनी दावेदारी पेश करेंगे और उनके सवालों का जवाब देंगे। इन्हीं चारों में से तय होगा कि एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) का उत्तराधिकारी कौन होगा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (फाइल फोटो-AP)
कौन-कौन हैं उम्मीदवार?
इस प्रक्रिया की शुरुआत चिली की पूर्व राष्ट्रपति Michelle Bachelet से होगी, जो मंगलवार को तीन घंटे के प्रश्नोत्तर सत्र में हिस्सा लेंगी। उनके बाद Rafael Mariano Grossi अपनी बात रखेंगे। बुधवार को Rebeca Grynspan महासभा कक्ष में सवालों का सामना करेंगी, जबकि अंत में सेनेगल के पूर्व राष्ट्रपति Macky Sall अपनी दावेदारी पेश करेंगे। इन चारों में दो महिलाएं शामिल हैं और तीन उम्मीदवार लैटिन अमेरिका से आते हैं, जो इस क्षेत्र की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।
2016 में कितने उम्मीदवार थे?
हालांकि, इस बार उम्मीदवारों की संख्या 2016 की तुलना में काफी कम है, जब António Guterres के चयन के दौरान 13 उम्मीदवार मैदान में थे। उस समय मुकाबला बेहद कड़ा था और वैश्विक माहौल अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता था। इसके विपरीत, 2026 की दुनिया गहरे भू-राजनीतिक तनाव, संघर्षों और ध्रुवीकरण से जूझ रही है।
क्यों घटी उम्मीदवारों की संख्या?
विशेषज्ञों के अनुसार, यही अस्थिरता उम्मीदवारों की कम संख्या की बड़ी वजह है। मौजूदा दौर में कोई भी देश या उम्मीदवार अनावश्यक जोखिम नहीं लेना चाहता। Richard Gowan, जो International Crisis Group से जुड़े हैं, मानते हैं कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों ने इस दौड़ को काफी प्रभावित किया है। उनके अनुसार, अब संभावित उम्मीदवार और उन्हें नामित करने वाली सरकारें पहले की तुलना में कहीं अधिक सतर्क हो गई हैं। अगर कोई उम्मीदवार गलती से भी अमेरिका या चीन जैसी महाशक्तियों को नाराज कर दे, तो इसका गंभीर कूटनीतिक नुकसान हो सकता है।
चुनौतियां बड़ी
इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र की साख में आई गिरावट को भी एक कारण माना जा रहा है। एक दशक पहले यही संस्था Paris Climate Agreement जैसे ऐतिहासिक समझौते को संभव बनाने और सतत विकास के 17 लक्ष्यों पर वैश्विक सहमति हासिल करने को लेकर उत्साहित थी। लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। वैश्विक शक्तियों के बीच मतभेद इतने गहरे हो गए हैं कि संयुक्त राष्ट्र अपने मूल उद्देश्य—वैश्विक शांति और सुरक्षा बनाए रखने—में प्रभावी भूमिका निभाने में संघर्ष कर रहा है।
António Guterres का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में उनके उत्तराधिकारी का चयन न केवल संगठन के भविष्य के लिए, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका तय करने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
