दुनिया

ट्रंप ने विवादित 'क्विट स्काईज' प्रोग्राम किया बंद; हर साल खर्च होते थे 200 मिलियन डॉलर

Quiet Skies Program: विवादास्पद प्रोग्राम 'क्विट स्काईज' को ट्रंप प्रशासन ने बंद कर दिया है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की सचिव क्रिस्टी नोएम ने गुरुवार को इस कार्यक्रम को बंद करने की घोषणा करते हुए इसकी जांच की बात कही है।

Image

ट्रंप ने विवादित 'क्विट स्काईज' प्रोग्राम किया बंद

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Quiet Skies Program: ट्रंप प्रशासन ने विवादास्पद प्रोग्राम 'क्विट स्काईज' को बंद कर दिया है, जिसमें गुप्त रूप से यूएस एयर मार्शल्स को उड़ानों के दौरान यात्रियों की निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसके साथ ही एक सरकारी अधिकारी को भी हटाया है, जिसने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड को इसमें शामिल करने की जिम्मेदारी ली थी। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की सचिव क्रिस्टी नोएम ने गुरुवार को इस कार्यक्रम को बंद करने की घोषणा करते हुए इसकी जांच की बात कही है। डीएचएस ने कहा है कि इस प्रोग्राम पर हर साल करदाताओं का 200 मिलियन डॉलर खर्च होता था और यह एक भी आतंकवादी हमले को रोकने में विफल रहा है।

साल 2010 में लॉन्च हुआ था ये प्रोग्राम

जानकारी के अनुसार, हाल ही में संपन्न एक बैठक में, प्रशासन के अधिकारियों ने परिवहन सुरक्षा प्रशासन के नेतृत्व से इस बात पर टकराव किया कि बाइडन प्रशासन के तहत 'क्विट स्काईज' कार्यक्रम का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया था। उल्लेख किया गया कि "क्विट स्काईज प्रोग्राम को लेकर विवाद, जो लंबे समय से नागरिक स्वतंत्रता समर्थकों के लिए चिंता का कारण रहा। इस प्रोग्राम को साल 2010 में लॉन्च किया गया था, और इसके अस्तित्व को पहली बार 2018 में बोस्टन ग्लोब द्वारा उजागर किया गया था। उड़ान के दौरान अंडरकवर यूएस एयर मार्शल्स हवाई यात्रा करते हैं।

'क्विट स्काईज प्रोग्राम' उन यात्रियों की पहचान करने के लिए काम करता है, जो एविएशन सिक्योरिटी के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। यह प्रोग्राम, विश्लेषकों और अंडरकवर एयर मार्शल्स को हवाई अड्डों और उड़ानों के दौरान लोगों की निगरानी के लिए नियुक्त करता है, जिसमें आउट स्टैंडिंग वारंट, चेहरे की पहचान करने वाले सॉफ्टवेयर, संदिग्ध यात्रा पैटर्न और व्यवहार की पहचान के साथ अन्य डेटा का उपयोग करके आतंकवादी हमलों को रोकने की कोशिश की जाती है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article