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'TRF एक विदेशी आतंकवादी संगठन', अमेरिकी विदेश मामलों की समिति ने भी लगाई मुहर, PAK को करारा झटका

लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा और प्रॉक्सी संगठन टीआरएफ ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। अमेरिका ने इस आतंकी संगठन पर पाबंदी लगी दी है।

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TRF पर पाबंदी को अमेरिकी समिति ने बताया सही (ANI)

TRF Ban: अमेरिकी विदेश मामलों की प्रतिनिधि समिति ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के प्रतिनिधि संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ((TRF)) को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने का स्वागत किया है। समिति ने कहा है कि जो कोई भी नागरिकों का कत्लेआम करता है, उसे सजा नहीं बल्कि न्याय मिलता है। पिछले हफ्ते अमेरिका ने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को एक नामित विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया था।

समिति ने कहा, TRF एक विदेशी आतंकवादी संगठन

ब्रायन मास्ट की अध्यक्षता वाली समिति ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे वैसा ही कहते हैं जैसा वह है। द रेजिस्टेंस फ्रंट एक विदेशी आतंकवादी संगठन है और इस पदनाम का हकदार है। समिति ने कहा कि जब आप नागरिकों का कत्लेआम करते हैं, तो आपको सजा नहीं मिलती—आपको न्याय मिलता है। यह एक आतंकवादी हमला था—सादा और सीधा।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट की आलोचना

इसने 22 अप्रैल को X पर अपनी पोस्ट का भी हवाला दिया, जब समिति ने पहलगाम हमले पर न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट की आलोचना की थी, जिसका शीर्षक था "कश्मीर में उग्रवादियों ने कम से कम 24 पर्यटकों को गोली मार दी। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के बहुमत ने कहा था, अरे, @nytimes, हमने आपके लिए इसे ठीक कर दिया है। यह साफ तौर पर एक आतंकवादी हमला था। चाहे भारत हो या इजराइल, जब आतंकवाद की बात आती है, तो NYT वास्तविकता से कोसों दूर रहता है।

"उग्रवादी" को हटाकर "आतंकवादी" शब्द लिखा

इस पोस्ट में हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी ने शीर्षक से "उग्रवादी" शब्द को हटा दिया था और उसकी जगह "आतंकवादी" शब्द लिख दिया था, और इस शब्द को लाल रंग के मोटे अक्षरों में लिख दिया था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने टीआरएफ के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की घोषणा करते हुए कहा था कि यह आतंकवाद का मुकाबला करने और पहलगाम हमले के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के न्याय के आह्वान को लागू करने की वाशिंगटन की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा है TRF

लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा और प्रॉक्सी संगठन टीआरएफ ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारत ने अमेरिकी फैसले का स्वागत किया और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसे भारत-अमेरिका आतंकवाद-रोधी सहयोग की मजबूत पुष्टि बताया।

पाकिस्तान को लगा झटका

समिति के इस फैसले से पाकिस्तान को एक और झटका लगा है जो टीआरएफ पर बैन को गलत बता रहा है। एडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी संसद में एक भाषण के दौरान विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा था पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि हमने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बयान में टीआरएफ के जिक्र का विरोध किया। मुझे दुनिया भर से फोन आए, लेकिन पाकिस्तान ने इसे स्वीकार नहीं किया। इशाक डार ने कहा कि हम टीआरएफ को अवैध नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि हमें सबूत दिखाइए कि टीआरएफ ने ही कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला किया। हम इस आरोप को स्वीकार नहीं करेंगे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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